दो माह में दिल्ली नहीं जा पाए इमाम
कस्बा थानाभवन निवासी उस्मान ने बताया कि वे दिल्ली में एक मस्जिद में इमाम है। लॉकडाउन से पहले वे अपने घर आए थे। अब बसें चलने पर वह दिल्ली जा रहे हैं। यहां से वे लोनी बॉर्डर पहुंचेंगे और वहां से अन्य निजी साधन से मस्जिद पहुंच जाएंगे। बसें चलने पर उन्हें सुकून मिला है।
लॉकडाउन होने से गमी में भी नहीं जा पाए थे
बस स्टैंड पर पांच महिलाओं और बच्चों समेत 17 लोग ई रिक्शा से पहुंचे विजयपाल, नारंग, बाबूलाल आदि ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के निवासी है। चार माह पहले बुटराड़ा में निर्माणाधीन बिजलीघर पर काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले उनके परिवार एक व्यक्ति का निधन गया। लॉकडाउन की वजह से वे घर नहीं जा पाए थे। अब बस चली है तो वह घर जा रहे हैं।
मेरठ से पहुंचे दीपक को नहीं मिली पानीपत की बस
मेरठ के बुढ़ाना गेट निवासी दीप गुप्ता पानीपत कंपनी में नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में वह घर आ गए थे। अब कंपनी ने बसों का संचालन होना बताते हुए बुलवाया है। वह मेरठ से बस द्वारा शामली पहुंचा लेकिन यहां आकर पता चला कि हरियाणा के पानीपत के लिए बस नहीं है। उसने कंपनी को यह जानकारी दे दी है और वापस मेरठ जा रहा है।
दूूसरे राज्य में भी बस संचालन की सुविधा मिले
दिल्ली के दुर्गापुरी निवासी हरेंद्र सिह ने कहा कि बस चलने से लोगों को सुविधा मिली है। वह सुबह दिल्ली से किसी काम से शामली आए थे। उनका कहना है कि बसें लोनी बॉर्डर तक जा रही है। दिल्ली से आने-जाने वालों को अभी भी परेशानी हो रही है।
सरकार से मांग है कि बसों का संचालन दूसरे राज्यों में भी शुरू किया जाए। इसके अलावा पंजोखरा निवासी अनिल कुमार ने बताया कि बस चलने से राहत मिली है। वह बस से सामान लेने शामली आया था।
आधा घंटा में आए सात यात्री
सहारनपुर से बड़ौत जाने वाली बस के परिचालक अजय कुमार ने बताया कि आधा घंटे से बस लगी हुई है। सात यात्री आए है। निगम के अधिकारियों के आदेश है कि कम से कम 20 सवारी लकर चले। सहारनपुर से भी 15 सवारी लेकर चले थे।
दूसरे दिन 14 बसों का संचालन हुआ है। यात्री न होने से बाकी बसें खड़ी है। दूसरे दिन करीब 300 यात्रियों ने सफर किया हैं। बस स्टैंड पर यात्रियों के नाम-पता रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। यात्रियों को फेस मास्क लगाने और सैनिटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद बस में बैठाया जा रहा है। - राजेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी शामली।