डॉ. योगेंद्र सिंह और तरसपाल मलिक
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राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। इसके तहत पार्टी के तीन क्षेत्रीय अध्यक्ष और पांच जिलाध्यक्ष बदले गए हैं। हस्तिनापुर क्षेत्र में दूसरी बार शामली जिले को तरजीह देते हुए जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तरसपाल मलिक को क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
हस्तिनापुर क्षेत्र में अब तक रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डॉ. योगेंद्र सिंह चेयरमैन संभाल रहे थे। वह शामली जिले के राझड़ गांव निवासी हैं और पिछले चार वर्षों से इस पद पर थे। डॉ. योगेंद्र सिंह को पार्टी का पुराना और वफादार सिपाही माना जाता है। हालांकि, विधानसभा चुनाव 2027 के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए रालोद नेतृत्व ने संगठन में बदलाव करते हुए तरसपाल मलिक को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
लंबा राजनीतिक अनुभव
नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के सानिध्य में राजनीति की शुरुआत की थी। वर्ष 2000 में वह जिला पंचायत मुजफ्फरनगर-शामली के पहले अध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 2005 से 2010 तक उनकी पत्नी सुदेश मलिक जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। वर्तमान में वह रालोद के प्रदेश महासचिव पद पर कार्यरत थे। तरसपाल मलिक ने कहा कि वह पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे और युवाओं को संगठन में अधिक महत्व देकर रालोद को मजबूत करने का काम करेंगे।
पांच जिलाध्यक्ष बदले, शामली बरकरार
रालोद संगठन की मजबूती के लिए पार्टी सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह ने मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अलीगढ़ और बदायूं जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं। वहीं शामली और सहारनपुर जिलों के जिलाध्यक्षों को यथावत रखा गया है। राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम-जाट संतुलन के तहत शामली जिलाध्यक्ष वाजिद अली का पद सुरक्षित रखा गया है। हस्तिनापुर क्षेत्र के निवर्तमान क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है और वह चार वर्ष पूरे कर चुके थे।