फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन सहभागिता से ही बचेंगी नदियां : डीएम  

Fri, 02 Jun 2017 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
विज्ञापन
मीटिंग लेते डीएम। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
शामली। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यमुना, कृष्णा और काठा नदी के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई के साथ ही जनसहभागिता जरूरी है। प्रदूषण भी तभी खत्म होगा, जब आमजन उसके दुष्प्रभाव से जागरूक होंगे। इसीलिए जिले में बहने वाली नदियों को प्रदूषण मुक्त करने और पर्यावरण से छेड़छाड़ करने वालों की सोच में बदलाव के लिए जन आंदोलन होना चाहिए। 
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला गंगा समिति की पहली बैठक हुई। उसमें डीएम ने कहा कि प्रदूषण जिस कदर बढ़ता जा रहा है और नदियां सिकुड़ रही हैं, वह भविष्य के लिए बड़ी चिंता की ओर इशारा कर रहा है। इसलिए सभी को अभी से जागरूक होना पड़ेगा। जिला गंगा समिति की जिम्मेदारी है कि वह हर विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए। नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाए। 

उन्होंने कहा कि बड़ी चिंता की बात है कि यमुना नदी और पूर्वी यमुना नहर में एक बूंद भी पानी नहीं है। यमुना नदी में श्रद्धालुओं को जेसीबी से गड्ढा खोदकर स्नान की महज रस्म अदा करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना नदी में आसपास के कस्बों और गांवों का पानी पहुंचता है, जिससे प्रदूषण फैलता है। जल स्रोत को प्रदूषित करना कानूनी अपराध है। पॉलीथिन पर रोक के बावजूद जनपद में पॉलीथिन का प्रयोग किया जा रहा है। नगर पालिका और नगर पंचायत अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जागरूकता फैलाए। फल विक्रेता और अन्य दुकानदारों की बैठक लें, यदि उसके बाद भी पॉलीथिन का प्रयोग बंद नहीं किया जाए तो नोटिस दें और फिर भी नहीं मानें तो चालानी कार्रवाई की जाए। 
विज्ञापन


शुगर और पेपर मिलों ने दूषित कर दी कृष्णा
डीएम ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी से कृष्णा नदी में होते प्रदूषण के बारे में रिपोर्ट ली, जिसमें उन्हें बताया गया कि कृष्णा नदी सहारनपुर से शुरू होती है और रामपुर मनिहारन तक पहुंचते ही प्रदूषित हो जाती है। क्योंकि वहां शुगर मिल, पेपर मिल और अन्य फैक्ट्रियों से प्रदूषित पानी नदी में डाला जा रहा है। इसके बाद शामली जनपद में आने पर जलालाबाद, थानाभवन कस्बा, शामली नगर के अलावा दो शुगर मिल और पेपर मिलों से भी इसमें पानी छोड़ा जाता है। 

मामौर झील में जाने से पहले ट्रीट होगा कैराना का पानी
जिलाधिकारी ने कैराना नगर के प्रदूषित पानी को मामौर झील में डालने से पहले उसके ट्रीटमेंट के लिए 14 वें राज्य वित्त आयोग से धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को जनपद की नदियों और नालों में प्रदूषण की नियमित जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिए। बैठक में जिला जिला वन अधिकारी सूरज कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम देवेंद्र कुमार के अलावा नदी संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े प्रोफेसर उमर सैफ आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें