शामली। हीटर लगाकर खाना बनाने में बरती जा रही लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। भैंसानी इस्लामपुर में इसी लापरवाही ने महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की जान ले ली। देहात क्षेत्र में ऐसी लापरवाही बेहिसाब भरी हुई है। विद्युत विभाग भी आंख पर पट्टी बांधे बैठा है, दिखावे की चेकिंग होती हैं और हादसे के बाद महज लीपापोती कर दी जाती है।
मंगलवार सुबह भैंसानी इस्लामपुर में महिला इरशादी उर्फ छोटी हीटर पर चाय बना रही थी। पास में ही उसकी दो बेटियां बैठी थीं। मां और दोनों बेटियों को हीटर पर चाय निकलने के बाद ऐसा करंट लगा कि जिंदगी खत्म हो गई। इस घटना के बाद हीटर के प्रयोग को लेकर कई सवाल पैदा हुए। शहरी क्षेत्र में तो हीटर का प्रयोग लगभग खत्म हो गया है, क्योंकि अधिकांश उपभोक्ताओं के यहां विद्युत मीटर लगे हैं और हीटर चलाने पर विद्युत बिल भी काफी आता है।
हालांकि देहात क्षेत्र में हीटर के प्रयोग पर अपेक्षित पाबंदी नहीं लग सकी। इसकी बड़ी वजह देहात क्षेत्र में बिजली चोरी बतायी जाती है। खुद विद्युत विभाग के अधिकारी मानते हैं कि देहात क्षेत्र में बिजली चोरी ज्यादा हो रही है। हीटर के अलावा चारा काटने की मशीन तथा अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग चोरी की बिजली से किया जाता है।
इसलिए खतरनाक है हीटर
देहात क्षेत्र में हीटर का प्रयोग इसलिए खतरनाक है, क्योंकि हीटर के नाम पर महज चूने की गोल प्लेट में आयरन एलीमेंट लगा दिया जाता है। प्लग का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि खुले तार ही उसमें जोड़ दिया जाता है। हीटर का यह सिस्टम 50 से 60 रुपये में तैयार हो जाता है। छोटे लालच के चक्कर में इसी तरह के हीटर देहात में सर्वाधिक प्रचलन में हैं।
भैंसानी इस्लामपुर का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि कटिया कनेक्शन से हीटरों का प्रयोग हो रहा है, तो जल्दी ही चेकिंग कराई जाएगी। - नरेश कुमार, एसडीओ थानाभवन।
देहात क्षेत्र में बिजली चोरी कर हीटर और अन्य उपकरणों का उपयोग रोकने के लिए समय समय पर अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है। फिर से टीमें बनाकर चेकिंग कराई जाएगी। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण।