शामली। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी के मौसम में डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सक दवा के साथ सावधानी बरतने की भी सलाह दे रहे हैं।
बारिश के बाद कई दिन से उमस भरी गर्मी चल रही है। इस मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ओपीडी में पहले 20 के आसपास मरीज आ रहे थे। मौसम में बदलाव के बाद अब जिला अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 60-65 हो गई है। इन मरीजों में 15-20 बच्चे भी डायरिया की चपेट में है। बाल रोग चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में डायरिया के केस बढ़े हैं। इनमें ज्यादातर आठ से दस साल के बच्चे ज्यादा हैं।
जनरल फिजिशियन डॉ. समद अली ने बताया कि बदलते मौसम में डायरिया व पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया की समस्या बनने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में पानी की पूर्ति के लिए चिकित्सक की सलाह से मरीज को ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए और समय पर दवा लेनी चाहिए।
डायरिया के लक्षण
- दिन में कई बार शौच जाना।
- पेट में अचानक से दर्द या ऐंठन महसूस होना।
- उल्टी आना या मितली महसूस होना।
- बुखार आना, थकावट होना।
- शरीर में पानी की कमी होने से प्यास लगना।
- मुंह का सूखना, आंखों का धंसा हुआ दिखना और पेशाब कम आना।
सावधानी
- खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोएं।
- साफ ताजा पानी पीएं। उबला हुआ पानी ठंडा कर पीएं।
- ताजे और साफ-सुथरे फल और सब्जियों का सेवन करें।
- खाना बनाने से पहले सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धोएं।
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- तरल पदार्थाें का सेवन ज्यादा करें।