शामली। बसपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर सदस्य और फिर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई संतोष देवी के पति ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल वह किसी पार्टी में नहीं हैं। जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीतने के लिए बसपा का समर्थन लिया था, फिर सर्व दल के सहयोग से अध्यक्ष का चुनाव जीता।
कई दिनों से यह बात बहस का मुद्दा बनी हुई थी कि नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी और उनके पति प्रसन्न चौधरी किस पार्टी में हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम आने और शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रसन्न चौधरी की भाजपा से नजदीकियां बढ़ने पर चर्चा और गरम हो गई थी।
इसी बीच शनिवार को प्रसन्न चौधरी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव सर्वदलीय प्रत्याशी के रूप में जीता गया। सभी दलों का सहयोग मिलने के कारण वह फिलहाल किसी राजनैतिक पार्टी में नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बसपा से सदस्य पद का चुनाव जीतने को समर्थन जरूर लिया, मगर चुनाव में उनके अलावा अन्य कोई बसपा समर्थित सदस्य नहीं चुना गया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में वह किस पार्टी के साथ रहेंगे, उसका फैसला जनता से पूछकर किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जनता से पूछकर ही चुनाव लड़ने का निर्णय लिया जाएगा। जिले में पानीपत-खटीमा मार्ग, मेरठ-करनाल मार्ग, दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर जिला पंचायत की तरफ से टोल वसूली कराई जा रही है। जिसको लेकर चौधरी का कहना है कि यदि वसूली अवैध रूप से चल रही है, तो नियमानुसार उन्हें हटवाया जाएगा।
बसपा को झटका है प्रसन्न का जवाब
प्रसन्न चौधरी की सफाई बहुजन समाज पार्टी के लिए बड़ा झटका है। दरअसल, प्रसन्न की पत्नी संतोष देवी बसपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर सदस्य बनी, जिससे बसपाई अध्यक्ष को अपना मानकर चल रहे हैं। ऐसे में प्रसन्न चौधरी ने दो टूक कह दिया कि बसपा का समर्थन सिर्फ सदस्य पद जीतने को लिया था। इस बयान से बसपाइयों को झटका लगना लाजिमी है।