शामली। जिले में वायरल से लेकर मलेरिया, खांसी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। मगर सैंपलों की जांच का जिम्मा सिर्फ एक कर्मचारी पर है। यही नहीं, नई लैब के निर्माण के चलते कर्मचारी अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर खुले में सैंपलों की जांच करने को मजबूर है। मरीजों, तीमारदारों ने हर रोज 300 मरीजों के सैंपलों की जांच की सुविधा की मांग की है।
दरअसल, जिला अस्पताल में अत्याधुनिक लैब का निर्माण पुरानी लैब में ही चल रहा है। जिसके कारण खून, सीबीसी और अन्य जांच इमरजेंसी रूम के सामने खुले में कर्मचारी करने को मजबूर हैं। एक कर्मचारी ही जांच के लिए तैनात किया गया है, जिसके कारण पूरे दिन में यहां पर 120 से लेकर 140 जांचें ही जो पाती हैं। जबकि 300 से अधिक मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
सीएमएस डाॅ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि लैब टेक्नीशियन जांच के लिए अस्पताल में सिर्फ एक ही है। दो की मांग के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जल्द ही मांग पूरी होने की संभावना है। प्रयास रहता है कि सभी मरीजों की जांच कराई जाएगी। अत्याधुनिक लैब बनते ही सभी प्रकार की जांच मरीजों की कराई जाएगी।
- हर रोज 200 से अधिक की जांच हो
ऊन का रहने वाले नितिन ने बताया कि वह मलेरिया बुखार की जांच के लिए अस्पताल में पहुंचा था। मगर ढाई घंटे से लाइन में लगा है। जांच के लिए कम से कम तीन कर्मचारी तैनात होने चाहिए।
ललौन के बाबू ने कहा कि विभिन्न प्रकार की जांच के लिए कर्मचारियों की संख्या जिला अस्पताल में कम होने के कारण मरीज परेशान रहते हैं। मामले की शिकायत डीएम से भी की जाएगी।
चौसाना के हुसैन ने कहा कि हर रोज 200 से लेकर 300 मरीजों की जांच होनी चाहिए। साथ ही कर्मचारी भी बढ़ाए जाएं ताकि मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना पड़े।