शामली। जिले में मौसम तेजी से बदल रहा है। लगातार ठंड बढ़ने के साथ कोहरा छाने से सांस और हृदय रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में सांस और हृदय रोगियों के साथ बच्चों और बुजुर्गों को भी ठंड से बचाव करना जरूरी है।
जिले में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। इस मौसम में अस्पताल में सांस और हृदय रोगी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में निमोनिया और पसली चलने के केस आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में ठंड बढ़ने की वजह से इस तरह के मरीज बढ़ रहे हैं। ठंड के साथ ही अब कोहरा भी छाने लगा है। इस तरह का मौसम श्वास और हृदय रोगियों के अलावा बच्चों व बुजुर्गों के लिए खतरनाक होता है। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि ठंड में सांस फूलने, ब्लड प्रेशर बढ़ना, कोलेस्ट्राल का बढ़ना, बच्चों में निमोनिया व पसली चलना आदि समस्याएं होती हैं। सुबह शाम घर से बाहर न निकलें और घर के अंदर ही व्यायाम करते रहें। इस तरह के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गो को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के साथ कोहरा ज्यादा खतरानाक होता है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ बच्चों में निमोनिया के केस बढ़े हैं। पसलियां चलने और सांस लेने में परेशानी होने की समस्या बच्चों को ज्यादा होती है। इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाने की जरूरत होती है।
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ये बरते सावधानी-
- सुबह-शाम घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें।
- खांसी, जुकाम होने पर हल्दी व नमक के गरारे करें।
- गला खराब या नाक से सांस लेने में परेशानी हो तो अजवायन डालकर भाप लें।
- तला-भुना, चिकनाई युक्त भोजन का सेवन करने से बचें।
- ज्यादा ठंडी चीजों का खानपान न करें।
- घर के अंदर ही व्यायाम करें।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।