शामली। हॉट कुक्ड मील योजना के संचालन और भुगतान को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। महासंघ का आरोप है कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर कन्वर्जन कॉस्ट और रसोइयों के पारिश्रमिक का भुगतान लंबे समय से नहीं हुआ है। इसके बावजूद जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर भुगतान किए जाने की आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।
महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार और जिला महामंत्री पीयुष कुच्छल ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को शिकायत भेजकर कहा कि परिषदीय विद्यालयों से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड मील योजना के तहत बच्चों को भोजन दिया जाता है। इसके लिए कन्वर्जन कॉस्ट और रसोइयों के पारिश्रमिक का भुगतान बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से किया जाना है। आरोप है कि पर्याप्त बजट नहीं मिलने से कई स्थानों पर प्रधानाध्यापकों को अपने स्तर से भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
महासंघ ने आरटीआई के माध्यम से योजना के बजट, आवंटन, खर्च और उपभोग प्रमाणपत्रों की जानकारी मांगी थी, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। महासंघ ने शासन से योजना के विभिन्न वित्तीय वर्षों में मिले बजट, विभाग के मुख्य बैंक खाते और आंगनबाड़ी केंद्रों व रसोइयों के खातों में किए गए भुगतान का मिलान कराने की मांग की है। साथ ही आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण और आरटीआई की सूचना उपलब्ध न कराने के मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
आरोप बेबुनियाद, जांच कराई जा रही
जिला कार्यक्रम अधिकारी यामिनी रंजन ने महासंघ के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।