जाम लगाने वाले 29 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कांधला (शामली)। कांधला थानाक्षेत्र के गांव सुन्ना में चार दिन पहले 12 वर्षीय बालक की मौत को लेकर सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने नौ नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नामजदों में छह गांव डांगरोल के और तीन सुन्ना गांव के रहने वाले हैं।
क्षेत्र के गांव सुन्ना के निकट गांव के 12 वर्षीय शिवा की स्कूल बस की चपेट में आकर मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगाकर जमकर हंगामा किया था। करीब डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने शव को बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया था। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक तक हुई थी। करीब ढाई घंटे बाद एएसपी राजेश श्रीवास्तव के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला था।
इस मामले में कांधला थाने पर पुलिस की तरफ से अनुज जावला, मोंटी जावला, विपिन जावला, अमरीश, विदुर जावला निवासी गांव डांगरोल, नाविद, सुरेश और सुबोध निवासी गांव सुन्ना और 15-20 अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भीड़ को उकसाया और पुलिस पर किया हमला
कांधला। पुलिस ने अपनी ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि आरोपियों ने जाम लगाने के लिए भीड़ को उकसाया था। इसके अलावा पुलिस पर पथराव भी किया था। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि सुन्ना में बालक की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब परिजनों से कार्रवाई के लिए तहरीर देने को कहा तो परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। मृतक के पिता विनोद पाल का अलीगढ़ में काम करना और उसके आने पर ही कार्रवाई होने की बात कही। इस दौरान भीड़ बढ़ने लगी। मौके पर गांव सुन्ना निवासी जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन तिरसपाल मलिक व अन्य राजनैतिक लोग पहुंच गए। इसी बीच गांव सुन्ना निवासी नाविद ने अनुज जावला व उसके साथियों को मौके पर बुला लिया। साथ ही सुरेश व सुबोध निवासी सुन्ना ने लोगों को बुढ़ाना मार्ग पर शव रखकर जाम लगाने के लिए उकसाना शुरू कर दिया। इसी बीच नाविद व उसका एक साथी शव को बाइक पर रखकर कांधला-बुढ़ाना मार्ग की तरफ भाग निकले। पुलिस उनके पीछे बुढ़ाना रोड पर पहुंची। अनुज जावला और उसके साथियों ने पुलिस वालों और सड़क से गुजरने वालों पर पथराव करने लगे। जिसमें सिपाही दिग्विजय सिंह व अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए।
पास में सेंटर से गन्ने निकालकर पुलिस पर हमले की कोशिश करते हुए जान से मरने की धमकी देने लगे। अनुज और उसके साथियों ने आसपास के गांवों से भीड़ बुलाकर उकसाते हुए सड़क जाम रखी और पुलिस विरोधी नारे लगाए। जिससे आम लोगों को परेशानी हुई और मौके पर अफरातफरी का माहौल बना रहा।