शामली। यमुना का जलस्तर गिरने के बाद भी कटान नहीं रुक पा रहा है। जिसके कारण कलरी, साल्हापुर, नाई नंगला समेत कई जगह पर यमुना का पानी ठोकरों पर दबाव बनाकर उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है। यमुना ओखला के प्रमुख अभियंता दिनेश कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता एन के उपाध्याय ने कैराना पहुंचकर यमुना किनारे डुंडूखेड़ा, कलरी, नाई नंगला, साल्हापुर आदि गांवों का दौरा किया।
13 अगस्त को हथनीकुंड बैराज से एक लाख 39 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से यमुना का जलस्तर बढ़कर 230.60 मीटर तक पहुंच गया था। जिससे यमुना किनारे डुंडूखेड़ा, मवी, मामौर, बल्हेड़ा, पढ़ेड़, चौतरा गांव के कलरी, साल्हापुर, नाई नंगला गांवों की हजारों बीघा भूमि का कटान हो गया था। पिछले चार दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार गिर रहा है, लेकिन कटान बढ़ता जा रहा है।
कलरी, साल्हापुर, नाई नंगला गांवों का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। इन गांवों में यमुना कटान करते हुए ठोकर तक पहुंच गई है। ठोकरों पर पानी का दबाव होने से क्षतिग्रस्त होने की संभावना बन रही है। कलरी एवं साल्हापुर गांवों में कटान होने से ठोकरों को नुकसान पहुंचा रहा है। बुधवार को अधिकारियों ने डुंडूखेड़ा से लेकर चौसाना सीमा तक कटान हो रहे गांवों का जायजा लिया। उन्होंने कटान रोकने के लिए ड्रेनेज खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि यमुना का फ्लो नहीं रुक पा रहा है। कटान रोकने के लिए युद्ध स्तर पर ड्रेनेज खंड का कार्य जारी है। बुधवार को हथनीकुड बैराज से 24 हजार 440 क्यूसेक पानी यमुना में छोडे़ जाने से कैराना में यमुना का जलस्तर 229.55 मीटर दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में 27 सेमी जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षक अजयपाल ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश थमने से जलस्तर घटा है।