संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। एक व दो मोहर्रम पर मजलिसे आयोजित की गईं। एक मजलिस में मौलाना रजी बिसवानी ने हजरत अब्बास अलमदार के फजायल पढ़े तो दूसरी मजलिस में कुरानी आयात पर रोशनी डाली गई।
रविवार रात एक मोहर्रम पर दो मजलिसों का आयोजन किया गया। नगर के छोटे इमामबाड़े में एक मजलिस में शब में खिताब फरमाते हुए मौलाना रजी बिस्वानी ने हजरत अब्बास अलमदार के फजायल पढ़कर सुनाएं। इसके अतिरिक्त हजरत अब्बास की अपने प्रिय भाई इमाम ए हुसैन की इज्जत ओ मोहब्बत को बयान किया गया। एक मजलिस में सोज सलाम लबी जैदी कुर्रत उल ऐन, हैदर मेहंदी, जाफर जैदी व मर्सियाख्वानी हुसैन हैदर जैदी ने की। नोहा ख्वानी फैसल जैदी और आगाज जैदी ने की।
दूसरी मजलिस का आगाज वसी हैदर साकी द्वारा सोज सलाम व मर्सियाख्वानी करके किया गया। मोहर्रम की रात की मजलिस को बड़े इमामबाड़े में खिताब करते हुए मौलाना जावेद हुसैन साहब ने कुरानी आयात पर रोशनी डाली। जिंदगी को नेक कामों में सर्फ करने की बात कही। जिसमें बाद में मसायब ए इमाम ए हुसैन बयान किए गए। मजलिस में मजलूम ए कर्बला इमाम ए हुसैन पर अश्क बहाएं। मजलिस के बाद गुलजार जैदी व कुर्रत उल ऐन मेहंदी व यावर जैदी द्वारा संयुक्त रूप से नोहाख्वानी की गई एवं मातमदारों ने मातम किया।