शामली। श्री हनुमान धाम पर श्रीराम लीला रंगमंच पर दूसरे दिन रावण जन्म, वेदवती संवाद की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
बृहस्पतिवार को श्री हनुमान धाम पर चल रही रामलीला के दूसरे दिन रावण, कुंभकरण, विभीषण के जन्म की लीला का मंचन हुआ। तीनों भाई ब्रह्मा जी की तपस्या करते हैं। ब्रह्मा की रावण, कुंभकरण, विभीषण को वरदान देते हैं। वेदवती भगवान विष्णु की तपस्या करती है।
रावण वेदवती को देखकर मोहित हो जाता है और उससे शादी का प्रस्ताव रखता है। रावण के प्रस्ताव को वेदवती मानने से इंकार कर देती है। इस पर रावण वेदवती के साथ अभद्रता करता है। वेदवती रावण को शाप देकर अग्नि में सती हो जाती है।
रावण भगवान शिव की पूजा करता है। भगवान शिव रावण को चंद्रहास तलवार देते हैं। दृश्य निर्देशक लाल सिंह लचक, दीपक जैन, विजय पेंटर, रावण- नरेंद्र सैनी, वेदवती सोनू वर्मा, कुंभकरण - सुनील टीटू, विभीषण- मोनू, ब्रह्मा मधुर गोयल, नंदी- प्रमोद सैनी, शंकर- निशंात पाठक बने।
आदेश शर्मा, वैद्य उपेंद्र द्विवेदी, उत्तम नामदेव, दिनेश पाठक, रामेश्वर बच्छ, सुनील टम्मी, सुशाील संगल, राजकुमार मलिक, हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, रमेश धीमान, ब्रजमोहन बबली, अमित कुमार, जोगेंद्र पाल सेठी आदि मौजूद रहे।