यूनिट के खेल में खप रहा गरीबों का राशन
शामली/गढ़ीपुख्ता। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबों का राशन यूनिट के खेल में खपाया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से वितरण के बावजूद उपभोक्ताओं को राशन कार्ड में दर्ज यूनिट के हिसाब से पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है। बचा हुआ राशन कालाबाजारी में झोंक दिया जाता है।
बताया जाता है कि जब से सरकारी राशन का वितरण ई-पास मशीन से होना शुरू हुआ है, तब से कालाबाजारी का तरीका बदल गया है। पहले कार्ड धारकों को राशन न देकर उसकी कालाबाजारी कर दी जाती थी, लेकिन अब यूनिट कम करने और घटतौली का खेल चल रहा है। प्रति यूनिट पांच किलो राशन दिया जाना चाहिए, लेकिन डीलर यूनिट कम बताकर पूरा राशन नहीं देते। ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साथ ही राशन की कालाबाजारी के मामले में पकड़ में आते रहते हैं। कुछ उपभोक्ताओं के यूनिट भी नहीं जुड़े रहे हैं। गढ़ीपुख्ता के मोहल्ला सुभाषपुरी निवासी विकास पुत्र लक्ष्मण ने बताया उसके राशन कार्ड में दो यूनिट हैं। दो बच्चों के आधार कार्ड नगर पंचायत कार्यालय और तहसील में कई बार जमा कराने के बाद भी उनके नाम नहीं जुड़ पाए हैं।
गढ़ीपुख्ता के मोहल्ला सुभाषपुरी निवासी रिक्की पुत्र लक्ष्मण ने बताया कि उनके राशन कार्ड में तीन यूनिट हैं। 15 किलो राशन मिलना चाहिए था, लेकिन राशन डीलर 10 किलो ही देता है।
मोहल्ला कश्यपपुरी निवासी असगर पुत्र अजमतुल्ला का कहना है कि उनके परिवार में नौ सदस्य हैं। सभी की यूनिट राशन कार्ड में चढ़ी हुई हैं, लेकिन उन्हें केवल दो यूनिट का दस किलो राशन मिल रहा है।
मोहल्ला कश्यपपुरी की ही नसीमा पत्नी वकील ने बताया कि उनके परिवार के आठ सदस्य हैं। पहले 40 किलो राशन मिलता था, लेकिन अब कुल 30 किलो राशन ही दिया जा रहा है।
कश्यपपुरी की मीना का कहना है कि उनका राशन कार्ड बना हुआ था, लेकिन अब बंद हो गया है। वह बार-बार प्रयास कर रही है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी सुरेश का कहना है कि उन्हें पांच किलो राशन कम दिया गया है। उसके परिवार में पांच सदस्य हैं। राशन कार्ड के हिसाब से 25 किलो राशन मिलता है, लेकिन 20 किलो मिला।
मोहल्ला कश्यपपुरी की हसीबा पत्नी आकिल का कहना है कि बताया उसके पति मजदूरी करते हैं। उनका राशन कार्ड नहीं बना हुआ है, जबकि सरकार ने सबको राशन देने की बात कही है। राशन कार्ड नहीं होने से उसे राशन नहीं मिल रहा।
बोले राशन डीलर...
मशीन में दर्शाई यूनिट के हिसाब से देते हैं राशन
गढ़ीपुख्ता। कस्बे के राशन डीलर कर्मवीर ने बताया उनके पास लगभग 2250 यूनिट हैं, जिनका राशन आता है। ई-पास मशीन में जो यूनिट दर्शाई जाती हैं उसी के हिसाब से राशन दिया जाता है। दूसरी राशन डीलर इंदिरा देवी का कहना है कि उनके यहां 2315 यूनिट हैं। मशीन में जितनी यूनिट दर्ज होती हैं, उसी के अनुसार वितरण होता है। जिन कार्डधारकों के मशीन में अंगुठे नहीं लग पाए उनको 30 जुलाई को वितरण किया जाएगा।
इन्होंने कहा...
ई-पॉस मशीन से वितरण किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं की बायोमैट्रिक पहचान होगी उन्हें ही राशन दिया जाता है। कम राशन देने की शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। बीते एक वर्ष में विभिन्न शिकायतों पर दस दुकानें निलंबित हुईं हैं और 15 के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
- ओमहरि उपाध्याय, जिलापूर्ति अधिकारी।