शामली। राष्ट्रीय स्तर पर कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में शामली शहर 326 वें अंक पर रहा। मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहर भी शामली से पीछे हैं, मगर शहर में स्वच्छता के लिहाज से अभी बहुत खामियां बाकी हैं, जिन्हें दूर करके शहर को स्वच्छ बनाने की जरूरत है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर शहरों की स्वच्छता को लेकर सर्वेक्षण कराया था, जिसमें प्रत्येक शहर को 2000 में से अंक वितरित किए गए। इसमें शामली शहर को 727 अंक प्राप्त हुए, जिसके चलते शामली शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर 326 वें स्थान पर रहा। मेरठ 339, मुजफ्फरनगर 344, गाजियाबाद को 351 रैंकिंग मिली।
हालांकि सहारनपुर मंडल में सहारनपुर शहर को 245 वीं रैंक मिली, जो शामली से आगे है। स्वच्छता संबंधी सर्वेक्षण में शामली ने बेशक मुजफ्फरनगर और मेरठ को पीछे छोड़ दिया, लेकिन शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने और मौजूदा हालातों में सुधार के लिए बहुत कार्य होने जरूरी हैं। शहर में कूड़ा प्रबंधन को कोई खास व्यवस्था नहीं है। भैंसवाल मार्ग पर डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है, मगर शहर में विभिन्न स्थानों पर कूडे़ के ढेर लगे दिखाई देते हैं। शहर के बीच से गुजरने वाला नाला गंदगी से अटा रहता है, जिस कारण हर साल बरसात में शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
जरूरी है यह कार्य
शहर के बीच से गुजर रहे नाले की समय पर सफाई नहीं हो पाती। बीते वर्ष 2016 में नगर पालिका परिषद ने करीब 20 लाख रुपये का ठेका छोड़कर सफाई कार्य कराया, लेकिन नाला साफ नहीं हो सका। नाले के दोनों ओर मार्केट बनी है। नतीजतन सफाई कर्मियों को सफाई कार्य करने में कठिनाई होती है। कई बार यह मुद्दा जिलास्तरीय अधिकारियों के सामने भी उठ चुका है। यदि इस नाले की सफाई ठीक से हो जाए, तो बड़ी समस्या हल होगी। वहीं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता के जरिये जनता को जोड़ने की जरूरत है, ताकि अपने मकान, दुकान के बाहर कोई कूड़ा न फैलने दे तथा कूड़े का सही प्रबंधन किया जा सके।
चेयरमैन का दावा, कई प्रोजेक्ट जल्द शुरू होंगे
नगर पालिका परिषद शामली के चेयरमैन अरविंद संगल का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में पूर्व में कई कदम उठाए गए। जल्दी ही तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होने वाला है। उन्होंने बताया कि शहर के ठेली संचालकों को डस्टबिन के लिए ड्रम दिए जाएंगे। सड़क किनारे दुकानों के बाहर डस्टबिन रखवाए जाएंगे। इसके लिए नगर पालिका करीब एक हजार ड्रम बनवाने जा रही है। इसके साथ ही 16-16 लाख रुपये कीमत की कचरा सफाई करने वाली दो मशीनें खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा कचरा प्रबंधन को लेकर ऐसी मशीन मंगाई जाएगी, जो कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पर कचरे को अलग अलग हिस्से में बांट सके।
कूड़े ढेरों से बीमारियों की आशंका
नितिन गोयल दयानंदनगर, शौकीन मलिक पंसारियान, रितिनाथ बुढाना रोड, उत्तम नामदेव बरखंडी का कहना है कि शामली में स्वच्छता के लिए कोई खास कार्य नहीं हुआ। कहीं पर नालियों में कूड़ा भरा होने के कारण गंदे पानी के जलभराव की समस्या है, तो कहीं पर कूड़े के ढेर लगते रहते हैं। इसकी वजह से बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी रहती है। नगर पालिका को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिल सके।