श्रीहनुमान धाम पर रामलीला का मंचन नहीं होगा
शामली। कोरोना के मद्देनजर इस बार श्री हनुमान धाम पर 51वां श्रीराम महोत्सव आयोजित नहीं हो पाएगा। राम बरात शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। न दशहरे मेले का आयोजन होगा और न ही रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। सिर्फ मंच पर मंदिर के पंडितों द्वारा मां सरस्वती, भगवान गणेश की आरती की जाएगी। रामलीला के कलाकारों और दर्शकों को नहीं बुलाया जाएगा।
शहर के श्री हनुमान धाम पर 18 दिन तक किया जाने वाला रामलीला महोत्सव आसपास के जिलों में प्रसिद्ध है। श्री हनुमान धाम का रामलीला महोत्सव की तैयारियां श्रीगणेश महोत्सव पर निकलने वाले श्रीराम लीला ध्वज के बाद शुरू होती थीं। कलाकारों का चयन होने के बाद रिहर्सल शुरू होता था। आम जनता के सहयोग से होने वाली श्रीराम लीला के लिए चंदा इकट्ठा किया जाता था। आयोजक दुकानों का आवंटन करते थे, नवरात्र शुरू होने से दस दिन पूर्व रामलीला का मंचन शुरू होता था। प्रथम नवरात्र को श्रीराम बरात निकाली जाती थी। दशहरे पर मेले का आयोजन होता था। जिसमें राम, रावण युद्ध की लीला का मंचन होता था। रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों का दहन होता था।
कोरोना काल के दौरान श्रीराम लीला आयोजकों ने श्रीराम लीला मंचन न करने का निर्णय लिया है। श्री हनुमान धाम के प्रधान सलिल द्विवेदी का कहना है कि इस बार 51वां श्रीराम लीला मंचन नहीं होगा। श्रीराम लीला मंच पर मंदिर के पंडित भेजकर भगवान गणेश, मां सरस्वती की आरती उतारी जाएगी। इस मौके पर न ही श्रीराम लीला के कलाकारों को बुलाया जाएगा। आम जनता को आमंत्रण भी नहीं दिया जाएगा। आम जनता के हित के लिए यह निर्णय लिया गया है।