झिंझाना में रमजान की खबर से सम्बधित फोटो मौलाना शोएब । संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी शामली झिंझाना। पवित्र रमजान की शुरुआत रविवार को पहले रोज से शुरू हो गई है। मुस्लिम आबादी क्षेत्र में चहल पहल के साथ सहरी तथा इफ्तारी के लिए खासी भीड़ रही। शनिवार की रात से तराहवी (रात में विशेष नमाज) शुरू हो गई थी, जिसके लिए बच्चों सहित युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
रमजान के बारे में मस्जिद खारे वाली के इमाम मौलाना शुएब ने कहा कि मोहम्मद साहब ने इरशाद फरमाया कि यह गमख्वारी (हमदर्दी) का महीना है, यानी गरीबों व मिस्कीनों के साथ अच्छा का बर्ताव करना। अगर दस चीजें अपनी इफ्तारी के लिए तैयार की हैं तो दो-चार गरीबों के लिए भी कम से कम होनी चाहिए, वरना असल तो यह था कि उनके लिए अपने से अफजल न होता तो बराबरी ही होती। गरज जिस कदर भी हिम्मत हो सके अपने इफ्तार व सहर के खाने में गरीबों का हिस्सा भी जरूर लगाना चाहिए।
मुफ्ती अनवर शाह ने बयान में कहा कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस महीने की कुछ खसूसियतें और आदाब फरमाए हैं। अव्वल यह कि यह सब्र का महीना है यानी अगर रोजा वगैरह में कुछ तक्लीफ हो तो उसे जौक व शौक से बर्दाश्त करना चाहिए। यह नहीं कि मार-धाड़, चीख-पुकार जैसा कि अक्सर लोगों की गर्मी के रमज़ान में आदत होती है।
इसी तरह अगर इत्तिफाक से सहरी न खाई गई तो सुबह से ही रोजे का सोग शुरू हो गया। इसी तरह रात की तरावीह में यदि कोई दिक्कत हो तो इसको बड़ी खुशी से बर्दाश्त करना चाहिए।
झिंझाना में रमजान की खबर से सम्बधित फोटो मौलाना शोएब । संवाद- फोटो : net