संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने कई मुद्दे उठाए। उन्होंने सड़क और नाला निर्माण की मांग की। नहर की पटरी में गड्ढों और बैंकों से उद्यमियों को ऋण न मिलने की शिकायत की। औद्योगिक क्षेत्र में दमकल केंद्र की स्थापना की मांग दोहराई।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बैठक हुई। इसमें आईआईए के पूर्व चेयरमैन अशोक मित्तल ने औद्योगिक क्षेत्र में कैरियर व्हील्स के समीप नाला निर्माण और टिटौली से औद्योगिक क्षेत्र तक नाले की सफाई का मुद्दा उठाया। उद्यमियों की शिकायत पर पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रवींद्र राणा ने कहा कि नाला निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। इसके बावजूद अभी तक शासन से बजट नहीं मिला है। शासन से अवमुक्त राशि से झिंझाना क्षेत्र में एक नाला निर्माण पर खर्च की गई है। डीएम के निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र के नाले की सफाई तथा नाला निर्माण के लिए कैराना बीडीओ जितेंद्र मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई।
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने करमूखेड़ी पुल से भैंसवाल गांव तक नहर की पटरी के किनारे कटान तथा गड्ढे की मरम्मत की मांग उठाई। वहीं, करनाल रोड से पानीपत रोड के बीच दो किमी तक नहर पटरी की मरम्मत मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में मन्ना माजरा से शहर की सीमा तक सड़क खस्ताहाल है। उद्यमी अभिनव बंसल ने कहा कि नए उद्योग लगाने के लिए बैंकों से उद्यमियों के ऋण स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र के लिए 4 हजार 824 वर्गमीटर भूमि की पैमाइश कराने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में दिल्ली रोड पर एनएचएआई की ओर से सड़क नीची और नाला ऊंचा बनाने की शिकायत की। साथ ही बताया कि नाले का निर्माण करीब 50 मीटर अधूरा है। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य, बनवारी लाल, उद्यमी आशीष जैन, विशाल जैन समेत जिले स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों के बच्चों की कैसे होगी पढ़ाई
जिले के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की मांग की। जिस पर डीएम ने कहा कि प्राइमरी स्कूल की स्थापना के लिए बच्चों की संख्या और ग्राम पंचायत की निशुल्क भूमि उपलब्ध होने के आधार पर शासन से स्वीकृति मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की दुविधा है कि बच्चों को पढ़ने के लिए कंडेला, शेखपुरा और ऐरटी जाना पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्र से प्राइमरी स्कूल एक से दो किमी दूर हैं।