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Shamli News: बारिश ने छीन लिया आसरा, बढ़ा दीं मुसीबतें

Tue, 17 Sep 2024 02:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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बिडौली सादात में गिरे मकान के बारे में जानकारी देता परिजन। संवाद
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शामली। लगातार चार दिन तक हुई बारिश ने घरों में भी तमाम तरह की मुसीबत खड़ी कर दी है। मकान गिरे तो विवाहिता ने मकान बनने के बाद ही ससुराल आने की शर्त रख दी। शादी के बाद दुल्हन कहां रहेगी इस चक्कर में शादी की तिथि तक आगे बढ़ानी पड़ी है। गिरे मकानों की विभागीय अधिकारियों ने अभी तक सुध भी नहीं ली। पीड़ित सरकारी मदद के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
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पहले घर बनवाओ, तब आऊंगी ससुराल

13 सितंबर को कुड़ाना मेंअजय देवी का मकान बारिश के कारण गिर गया था। अजय देवी ने बताया कि बेटा श्रीकांत पत्नी को लेने के लिए उसके मायके गया तो उसने साफ कह दिया कि जब तक मकान नहीं बनेगा, वह नहीं आएगी। मकान गिरने की सूचना देने के बावजूद तीन दिन बाद भी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने घर पर आकर सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। परिजन खुले में ही सो रहे हैं।
शादी की तिथि आगे बढ़ाई


कुड़ाना गांव के शौकीन खान के मकान की छत 14 सितंबर को गिर गई। परिवारी के सदस्य बाल बाल बच गए। बताया कि जल्द ही बेटे आस मोहम्मद की शादी करनी थी। मगर अब मकान गिरने के बाद शादी को पीछे हटाना पड़ेगा। कहा कि अब शादी से पहले मकान बनाया जाएगा। इसके बाद ही बेटे की शादी होगी।
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आंगन में सोने को मजबूर परिवार



कुड़ाना गांव के नसीम खान के मकान की छत दो दिन पूर्व गई थी। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। नसीम की पत्नी ताहिरा ने बताया कि अब परिवार आंगने में सो रहा है। मकान गिरने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक सुध नहीं ली।
जिंदगीभर मकान नहीं बन पाएगा



लिसाढ़ गांव में बेवा निर्मला का दो दिन पूर्व ही कच्चा मकान बारिश के कारण गिर गया। बेटे रोहित ने बताया कि पिता की 15 साल पूर्व मौत हो चुकी है। मां निर्मला जैसे तैसे कर परिवार का गुजारा करती है। कहा कि प्रशासन मदद नहीं कर रहा, अब लगता है कि जिंदगीभर मकान नहीं बन सकेगा।



प्रशासन कुछ मदद करे तो मिलेगा आसरा



बिड़ौली सादाद में आस मोहम्मद के मकान की छत बारिश के कारण 15 सितंबर को गिर गई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि प्रशासनिक मदद नहीं मिली तो उनका मकान नहीं बन पाएगा और आने वाली सर्दी में उन्हें खुले आसमान के नीचे ही सोना पड़ेगा।

आवेदन के दो साल से लगा रहे चक्कर



कलंदर शाह मोहल्ले के नसीम, नूरजहां, मोमीना आदि ने करीब दो साल पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किए थे मगर अभी तक भी उन्हें मकान नहीं मिल सके हैं। वह केवल अधिकारियों के चक्कर ही लगा रहे हैं।

किश्त मिलने के बावजूद 95 लोगों में नहीं बनाए आवास

डूडा विभाग के अनुसार, पिछले करीब छह माह में जिले के 95 लोगों ने किश्त जारी करने के बावजूद मकानों का निर्माण नहीं कराया। जिसके कारण 95 को नोटिस जारी किए गए हैं। 30 से रिकवरी भी की गई है। वर्तमान में जिले में 17, 204 को योजना के तहत लाभ दिया गया है। योजना के तहत लाभार्थी को ढाई लाख रुपये तीन किश्तों में दिए जाते हैं। संवाद



जिन लोगों के मकान बारिश से गिरे हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित लेखपाल के माध्यम से तैयार कराई जा रही है। सभी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी आवेदन कर सकते हैं। प्रयास रहेगा कि पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद दिलाई जाए। दो साल से चक्कर काटने वालों की मदद कराई जाएगी। -संतोष कुमार, एडीएम शामली

बिडौली सादात में गिरे मकान के बारे में जानकारी देता परिजन। संवाद

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