शामली। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले शासन ने विकास कार्यों के लिए धनराशि अवमुक्त करनी शुरू कर दी है। अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए विभिन्न विभागों को बजट अवमुक्त किया जा रहा है।
शासन द्वारा विकास भवन निर्माण के लिए 4 करोड़ 34 लाख रुपये की शेष धनराशि जारी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार आगामी छह माह में विकास भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
सीडीओ विनय कुमार तिवारी के प्रयासों से दूसरी और तीसरी मंजिल के लिए करीब 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में तीन करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त हुई थी, जबकि अब शेष धनराशि भी जारी कर दी गई है। राजकीय निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि पूरी धनराशि मिलने के बाद निर्माण कार्य तेजी से कराया जाएगा।
31 मार्च तक देर रात खुले रहेंगे कोषागार
वित्तीय वर्ष समाप्ति के चलते 31 मार्च तक कोषागार देर रात तक खुले रहेंगे। शासन द्वारा विकास योजनाओं एवं अन्य मदों के लिए मध्यरात्रि तक धनराशि जारी की जाएगी।
शिक्षा विभाग को भी मिला बजट
बीएसए लता राठौर ने बताया कि जिले के 45 बेसिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के लिए 5.40 लाख रुपये की धनराशि मिली है। वहीं माध्यमिक विद्यालयों में अलंकार योजना के तहत मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
रेलवे ओवरब्रिज परियोजना को मंजूरी का इंतजार
उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक सतेंद्र कुमार ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे पर रेलवे फाटक संख्या-89 पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए 77 करोड़ रुपये की परियोजना शासन को भेजी गई है। इस पर स्वीकृति और धनराशि जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
काम शुरू न होने पर साढ़े तीन करोड़ की राशि वापस होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी यमुना नहर पटरी के लिए अवमुक्त ढाई करोड़ रुपये तथा मेरठ-करनाल हाईवे पर मुडेट खुर्द के पास प्रस्तावित दो लेन ओवरब्रिज के लिए एक करोड़ रुपये की राशि काम शुरू नहीं होने के कारण वापस जाएगी। इसके अलावा ठेकेदार का चयन न होने के कारण पूर्वी यमुना नहर खंड की अन्य योजनाओं की धनराशि भी वापसी की स्थिति में है।