पहाड़ी इलाकों में बारिश कम होने से बुधवार को यमुना समेत की क्षेत्र बरसाती नदियों का जलस्तर कम हो गया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में यमुना नदी का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। सुबह सात बजे यमुना नदी में हथनीकुंड बैराज से 178162 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो दोपहर बाद तीन बजे तज घटकर 130604 क्यूसेक हो गया था।
बैराज से मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल की पहाड़ियों में बारिश कम हो गई है, जिससे यमुना नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। उधर, शिवालिक पहाड़ियों पर भी बारिश काफी कम है, जिससे बरसाती नदियों का जलस्तर भी कम हो गया है। बाढ़ के हालात का सामना कर रहे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बरसाती नदियों में मंगलवार को आई भयंकर बाढ़ के क्षेत्र में जबरदस्त नुकसान हुआ है। सर्वाधिक नुकसान कृषि उपजाऊ भूमि को पहुंचा है।
बुधवार को यमुना नदी में हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
समय जलस्तर (क्यूसेक में)
सुबह 7 बजे 178162
8 बजे 178162
9 व 10 बजे 153768
11 बजे 136274
दोपहर 12 बजे 136274
1 बजे 133429
2 व 3 बजे 130604
शामली में भी यमुना का जलस्तर हुआ कम, बारिश जारी
बुधवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 75 सेमी ऊपर 232.25 मीटर पर बह रहा है। यमुना की बाढ़ का पानी मेला स्थल, शनि मंदिर व शमशान घाट के चारों और भर गया। मेला स्थल पर एक एक फिट पानी भरने से दुकानदार भी मायूस है। तहसील प्रशासन व ड्रनेज विभाग द्वारा सहपत के अलावा नगला राई, मंडावर, खुरगान आदि तटबंध की मरम्मत का कार्य जारी है।
हालांकि, हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोडे़ जाने वाले पानी की मात्रा में कुछ कमी आई है। यमुना की बाढ़ के पानी से यमुना पुल किनारे ड्रनेज विभाग का कार्यालय भी घिर गया जिसमें एक कार भी पानी में फंस गई थी। केन्द्रीय जल आयोग ऊपरी यमुना नदी भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा यमुना में पानी बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं, लक्ष्मीपूरा में पिलखन स्थित चर्चित पॉइंट पर यमुना के तेज बहाव से तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। समय रहते जेसीबी की मदद से हालात पर काबू पाया गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी व तहसीलदार मौके पर पहुंचें और मुआयना किया।
बिजनौर में गंगा उफान पर, शाम तक बढ़ सकता है जलस्तर
बिजनौर जिले में सुबह से बारिश हो रही है। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी भर गया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी आ गया। जिससे रेल यातायात प्रभावित हो गया है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातर हो रही बारिश से बिजली आपूर्ति भी बाधित है।
जिले में बुधवार को करीब 70 एमएम बारिश हो चुकी है। गंगा किनारे बसे गांवों में पानी पहुंच गया। खेत खलियानों में भी पानी भर गया है। गंगा बैराज पर खतरे के निशान से कुछ ही नीचे बह रही है। अगर हरिद्वार से और पानी छोड़ा जाता है तो पानी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर जाएगा। सुबह से गंगा खतरे के निशान को छूकर बह रही है।
खतरे के निशान पर सोलानी
मुजफ्फरनगर जनपद में सोलानी नदी खतरे के निशान पर बह रही है। पुरकाजी और मोरना के खादर क्षेत्र में खेतों और गांवों तक पानी पहुंच गया है। फिलहाल जलस्तर 226 मीटर पर पहुंच गया है। देर रात तक जलस्तर और अधिक बढ़ने की संभावना है। हिंडन नदी का जलस्तर भी बढ़ा है और खेतों में पानी घुस गया है। बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बरसात होती रही।