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Shamli News: बारिश से तापमान गिरने से बनी ठंड, फसलों को नुकसान

Sat, 21 Mar 2026 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली के मोहल्ला बरखंड़ी रोड पर जलभराव । संवाद
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शामली/थानाभवन। जिले में सुबह से बूंदाबांदी व बारिश होती रही। दोपहर में बारिश थमने से लोगों को राहत मिली, हालांकि बादल छाए रहने से बारिश के आसार बने हुए है। बारिश के बाद तापमान में छह डिग्री सेल्सियस कम होने से मौसम में ठंड बन गई। उधर, बारिश होने से गेहूं, सरसों व आलू की फसल में नुकसान की आशंका को लेकर किसान चिंतित है। जिले में दस एमएम बारिश दर्ज की गई है।
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बृहस्पतिवार शाम को शुरू हुई बूंदाबांदी रात साढ़े 10 बजे तक हुई। इसके बाद रात में बारिश थमी रही। शुक्रवार सुबह साढ़े छह बजे से फिर से बारिश शुरू हुई। दोपहर ढाई बजे तक बारिश व बूंदाबांदी चलती रही, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। लोग बारिश में भीगते हुए हुए जाते दिखाई दिए। बारिश के कारण ठंड बनने से लोग गर्म कपड़े पहनकर घर से बाहर निकले। दोपहर बाद से जिले में बादल छाए रहे, जिससे बारिश होने के आसार बने रहे। पिछले 24 घंटे में तापमान की स्थिति देखे तो अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस गिरकर 18 डिग्री रहा जबकि न्यूनतम तापमान तीन डिग्री कम होकर 13 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा रही। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बारिश होने और इसके बाद मौसम साफ होने के आसार है।
थानाभवन क्षेत्र के किसान सुभाष सैनी, रामानंद, महेंद्र कश्यप आदि किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का स्थिर रहना जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी भी आंधी या तेज हवा उनकी मेहनत पर पानी फिर सकती है।
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जलालाबाद क्षेत्र में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आलू, सरसों और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। आलू के कम दाम मिलने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। खेतों में आलू की खोदाई चल रही है। अगेती गेहूं की फसल पककर तैयार है। किसान प्रदीप राणा ने बताया कि अगर खेतों में दो-तीन दिन तक पानी रहता है, तो आलू के सड़ने, गलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे किसानों साल भर की मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसे लेकर चिंता बनी है।
किसान मकबूल मलिक न बताया तेज हवा के साथ बारिश से तैयार गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। इससे दानों का वजन कम हो सकता है और पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।

किसान राकेश सैनी ने बताया कि खेतों में सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है। तेज हवा चलने से फसल खेत में गिर गई है। इससे भारी नुकसान की आशंका है।

शामली के मोहल्ला बरखंड़ी रोड पर जलभराव । संवाद

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