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स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर किसानों का सीएमओ कार्यालय पर धरना

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शामली में सीएमओ कार्यालय धरने पर बैठे किसान। - फोटो : SHAMLI
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और जिले में बिना मानक अस्पतालों के संचालन को लेकर किसानों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। भ्रष्टाचार की जांच एसआईटी से कराने की मांग की। किसानों चेतावनी दी कि यदि 22 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो कलक्ट्रेट में अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
किसान नेता विनोद निर्वाल के नेतृत्व में सोमवार को कई किसान सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। इसमें शामिल किसानों ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नारेबाजी की। किसानों के धरने को एएनएम संरक्षिका लोकेश चौधरी ने भी समर्थन दिया। विनोद निर्वाल ने कहा कि सीएमओ कार्यालय से लेकर जिले के पूरे स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है। फर्जी डिग्री के आधार पर चिकित्सकों को अस्पताल चलाने का रजिस्ट्रेशन दिया गया। जिससे लोगों की जान भी खतरे में डाली जा रही है।
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उन्होंने कहा कि बाबुओं की भर्ती में घोटाला किया जा रहा है। कोरोना काल में बड़े स्तर पर मशीनों की खरीद-फरोख्त में कालाबाजारी की गई। इस मामले में कई बार सीएमओ को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार और पीएनडीटी के प्रभारी डॉ. अश्वनी शर्मा कांड ने पूरे जिले की छवि धूमिल कर दी है। ऐसे में किसानों को मजबूरन धरना देना पड़ा। धरने की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार प्रशांत अवस्थी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता कर मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में बाबा उदयवीर सिंह, ओमपाल मुखिया, राजपाल, कंवरपाल राणा, राजवीर मुंडेट, अमित बेनीवाल, सचिन राममेहर, आरिफ राव, अभिषेक, सचिन, कय्यूम, रणधीर, सुभाष, अनिल, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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