शामली। बदल रहे मौसम में गेहूं, सरसों आदि फसलों में कई तरह की बीमारियां लगने का खतरा है। किसानों को ऐसे मौसम में फसलों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल में प्रथम सिंचाई के बाद 25-30 दिन में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए मैट सल्फ्यूरान-20 की आठ ग्राम मात्रा का 150 से 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। संकरी पत्ती के खरपतवार के लिए सल्फो सल्फ्यूरान-75 की 13.5 ग्राम मात्रा अथवा क्लोडिनोफोस-15 की 140 ग्राम मात्रा को 150-200 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
गेहूं में पीली गेरूई रोग से की रोकथाम को प्रोपिकोनाजोल-25 की 500 मिली मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। सरसों में माहू कीट लगने की आशंका है। इसके लिए फास्फोमिडान 250 मिली अथवा डाईमैथोएट-30 की एक लीटर मात्रा को 600-700 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।