शामली। शहर के प्राइवेट बस संचालकों ने बृहस्पतिवार को कुछ बसों का संचालन बंद कर एआरटीओ कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया । बस मार्गों पर अवैध ऑटो टैम्पो, ई-रिक्शा का संचालन रोकने की मांग की।
धरने की अध्यक्षता करते हुए प्रधान जितेन्द्र ने कहा कि जिले के सभी मार्गों पर लगभग 200 प्राइवेट बसें संचालित है। शामली से मुजफ्फरनगर, शामली से कैराना, शामली से बिडौली, शामली से गढ़ीपुख्ता, शामली से भौरा कलां शाहपुर, शामली से बुढाना आदि मार्गों पर बसें चलती है। कहा कि प्राइवेट बसों को शासन द्वारा परमिट दिए गए हैं। और प्रति बस 7140 रुपये प्रतिमाह टैक्स राज्य सरकार को दिया जा रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से टैम्पू ,ऑटो व ई-रिक्शा अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। जब कंडेक्टर, ड्राइवर इन्हें रोकता है तो उनके साथ अभद्रता की जाती है। झूठी शिकायतें कर दी जाती है। जिसके कारण चालकों को परेशानी होती है। कहा कि जब तक अवेध टैम्पों, ई रिक्शा का संचालन बंद नहीं होगा, धरना जारी रहेगा। फिलहाल उन्होंने तीस बसों का संचालन बंद किया है। धरना देने वालों में इरशाद, जसबीर, अफसार, विनय, भूरा, नौशाद, योगेंद्र आदि शामिल रहे।
एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि वार्ता कर बस चालकों की समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्हें परेशानी नहीं होने दी जाएगी।