शामली। कागजों पर अपने मन की बात को कूची के माध्यम से उकेरने की महारथ हासिल करने के लिए शामिल निवासी प्रकृति दीक्षित ने ठान रखी है। हाथों से पेंटिंग बनाने के साथ ही पैरों से भी किसी को आकृति देना प्रकृति दीक्षित का एक अनोखा शौक है। पैरों से पेंटिंग बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में वह अपना नाम दर्ज कराना चाहती है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद गिनीज बुक की तरफ से उसके दावे को स्वीकाराते हुए वीडियो रिकार्डिंग प्रमाण मांगे हैं। अब 15 सितंबर को प्रकृति वर्ल्ड रिकार्ड के लिए पेंटिंग बनाएगी।
शामली के माजरा रोड पर भाकूवाला मंदिर के पास रहने वाली प्रकृति दीक्षित इन दिनों दिल्ली के एक इंस्टीट्यूट से डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। पूर्व में वह हाथों से पेंटिंग बनाती थी और चंद मिनटों में फिल्मी कलाकारों तथा राजनीतिज्ञों के चित्र बनाकर वह विभिन्न प्रतियोगिताएं भी जीत चुकी है। दिसंबर 2016 में दिल्ली के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में द प्लेटफार्म क्रिसमस टैलेंट शो में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। विभिन्न संस्थाओं की तरफ से होने वाली प्रतियोगिताओं में अपने हुनर की बदौलत नाम रोशन कर चुकी है। अब वह दिल्ली में डिजानिंग कोर्स करने के साथ ही पैरों से पेंटिंग बनाने की प्रैक्टिस कर रही है। खास बात यह है कि प्रकृति दोनों हाथों से एक साथ पेंटिंग बनाने का हुनर भी रखती है। उसकी इस कामयाबी को लेकर उसके पिता संजीव, मां मीनाक्षी और नानी चंद्रकला सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
--- ऐसे किया गिनीज बुक के लिए आवेदन
प्रकृति दीक्षित पूर्व में जब हाथ से पेंटिंग बनाती थी, तो उसके मन में यह सवाल आया कि पेंटिंग के जरिये अपना और अपने परिवार का नाम कैसे रोशन किया जाए। इंटरनेट के जरिये उसने देखा कि पेंटिंग की दुनिया में कौन कौन से रिकार्ड बने हैं। इस पर उसे मालूम चला कि पैरों से पेंटिंग बनाने का विश्व रिकार्ड 147.5 वर्ग मीटर का है। एक साल पूर्व ही प्रकृति दीक्षित ने पैरों से पेंटिंग बनाने पर कार्य शुरू किया। जब उसे लगा कि अब 147.5 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़ी पेंटिंग बना सकती है, तो करीब तीन महीना पूर्व उसने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए आवेदन किया, जिसमें उसने 164 वर्ग मीटर लंबाई वाली पेंटिंग बनाने का दावा किया। पिछले दिनों ही प्रकृति दीक्षित को गिनीज बुक की तरफ से ईमेल आया, जिसमें उसके दावे को स्वीकारते हुए पैरों से 164 वर्ग मीटर वाली पेंटिंग बनाने की वीडियो रिकार्डिंग प्रमाण पत्र मांगे।
शिक्षक हैं माता-पिता
प्रकृति दीक्षित के पिता संजीव उर्फ संजय आर्य शिक्षक हैं और बागपत के पास न्यू इरा स्कूल में पढ़ाते हैं। वहीं, प्रकृति की मां मीनाक्षी शर्मा भी अध्यापिका हैं और शामली के मदरलैंड पब्लिक स्कूल में पढ़ाती हैं। प्रकृति ने कक्षा दस की पढ़ाई सहारनपुर स्थित सेंट मैरी स्कूल से की, जबकि कक्षा 11 और कक्षा 12 की पढ़ाई शामली के मदरलैंड पब्लिक स्कूल से की।
स्कूल की तरफ से की जा रही तैयारियां
15 सितंबर को प्रकृति दीक्षित शामली के मदरलैंड पब्लिक स्कूल में वर्ल्ड रिकार्ड के लिए पैरों से 164 वर्ग मीटर वाली पेंटिंग बनाएगी। इस आयोजन को लेकर मदरलैंड पब्लिक स्कूल का प्रबंधन भी हर्षित है तथा कार्यक्रम के लिए पूरी तैयारियां की जा रही हैं। प्रकृति के पिता संजीव आर्य ने बताया कि 15 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम के दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी पहुंचेगी, जो प्रकृति द्वारा बनाई गई पेटिंग को देखेगी।