शामली। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट स्वीकार जाने के कारण पिछले बीस दिनों में बिजली बिल के रूप में जिले में 13 करोड़ 30 लाख की वसूली की गई है। कुल 900 कनेक्शन काटे जा चुके हैं। वहीं 25 नवंबर के बाद 15 दिसंबर तक पांच सौ रुपये के पुराने नोट स्वीकार किए जाने के बावजूद वसूली में चालीस प्रतिशत की कमी आई है।
नोटबंदी के बाद बिजली बिल की वसूली के लिए बिजली विभाग के काउंटरों पर भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवधि में प्रतिदिन तीस लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक वसूली की गई थी। 24 नवंबर के बाद पांच सौ रुपये के नोट पंद्रह दिसंबर तक स्वीकार किए जाने के बावजूद प्रतिदिन वसूली एक लाख से लेकर 25 लाख 89 हजार रुपये तक सिमट कर रह गई है।
विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि 25 नवंबर के बाद बिजली बिल के रूप चालीस प्रतिशत की गिरावट आई है। 13 करोड़ तीस लाख रुपये की वसूली की गई है। वहीं विभाग ने दस हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक व एक लाख से ज्यादा के 900 बकाएदारों के कनेक्शन काटे हैं।
नवंबर के अंतिम दिन 25.89 लाख रुपये की वसूली हो पाई है, जबकि 242 नए कनेक्शन काटे गए हैं। बिजली बिल जमा होने के बाद 300 बिजली कनेक्शन जोड़े गए हैं।