शामली। अच्छी पैदावार होने के बावजूद कम भाव पर किसान औने-पौने दामों पर अपना आलू बेचने के लिए विवश हैं। जिले में आलू खरीद की व्यवस्था नहीं होने से प्रदेश सरकार की योजना धड़ाम हो गई है। कागजों में आलू खरीद के केंद्र खोल दिए गए, मगर धरातल पर आलू खरीद की व्यवस्था जिला प्रशासन नहीं कर पाया है। हरियाणा का सस्ता आलू मंडी में आने से जिले के किसानों का मंडी के आढ़ती आलू की खरीद नहीं कर पाए हैं।
गन्ने की बेल्ट में यहां आलू की कम पैदावार होती है। इस साल आलू की अच्छी खासी पैदावार हुई। हालांकि इस साल उम्मीद से कम भाव मिलने से किसानों के ख्वाब अधूरे रह गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने किसानों से सीधा आलू खरीद की व्यवस्था की योजना लागू की थी। योजना के तहत शामली के जनता कोल्ड स्टोरेज, जलालाबाद समेत तीन खरीद केंद्र को खोलने की घोषणा की गई, मगर जिले में धरातल पर आलू का एक भी खरीद केंद्र नहीं खुल पाया है।
किसान घोषित खरीद केंद्रों पर आलू लेकर पहुंचे। वहां खरीद की व्यवस्था नहीं होने से किसान बैरंग लौट आए। शामली माजरा रोड निवासी आलू उत्पादक किसान सूरजपाल सिंह निर्वाल ने कहा कि इस बार आलू उत्पादन अच्छा खासा हुआ। आलू का गत वर्ष 350 रुपये आलू का कट्टा बिका था। इस बार आलू का 150- 175 रुपये प्रति क्विंटल आलू का कट्टा बिका है।
इस साल आलू की लागत किसान को नहीं मिल पाई है। बीज खाद की लागत आलू की बिक्री से नहीं निकल पाई। उन्होंने बताया कि साथी किसानों का आलू लेकर एमएसके रोड पर जनता कोल्ड स्टोरेज पर बनाए खरीद केंद्र पर गए। इस पर कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज पहले से ही भरा हुआ है। उनके यहां आलू रखने की क्षमता नहीं है। वहीं, आलू खरीद केंद्र में जनता कोल्ड स्टोरेज शामली, फुरमाफी, जलालाबाद अंबहेटा याकूब पर साधन समिति है।
कागजों पर बना दिए खरीद केंद्र
शामली जनता कोल्ड स्टोरेज की देखरेख कर रहे रमेश मराठा, स्टोरेज स्वामी अनंत गुप्ता ने बताया कि उनके कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 20650 कट्टे रखने की है। उतना आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है। आलू खरीद केंद्र बनाए जाने की जानकारी मिली। डीएम समेत आला अफसरों को जानकारी दे दी थी। इसके बाद भी प्रशासन ने आलू खरीद की कोई व्यवस्था नहीं की।
आलू खराब होना शुरू
शामली/ जलालाबाद। कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं मिलने से किसानों ने अपना आलू पशु चारागाह की भूमि में ढेेर लगा दिए हैं। प्रशासन द्वारा खरीद केंद्र नहीं लगाए जाने से एक लाख क्विंटल आलू सड़ना शुरू हो गया है। किसान क्यूम, नरेंद्र चौधरी, असलम, आकिल, नौशाद, बबलू आदि ने बताया कि जलालाबाद अंबहेटा याकूब पर साधन सेवा समिति द्वारा केंद्र घोषित किया गया था। वहां खरीद की व्यवस्था नहीं हो पाई। किसानों का आलू नहीं खरीदा गया।
जगह नहीं मिलने से आलू खरीद पर लगी रोक
शामली जिले में आलू खरीद की जिम्मेदारी पीसीएफ को दी गई थी। पीसीएफ को आलू खरीद के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई है। जगह नहीं मिलने से आलू की खरीद नही हो पाई है। पीसीएफ के प्रबंधक बलवीर सिंह ने बताया कि आलूू के सरकारी रेट 487 रुपये प्रति क्विंटल है। आलूूू का बाजार मूल्य 500- 510 रुपये प्रति क्विंटल है। नतीजतन किसान आलू बेचने को नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शामली में छह कोल्ड स्टोरेज है। जिसमें एक कोल्ड स्टोरेज में गुड़ और पांच कोल्ड स्टोरेज आलू से फुल हैं।