तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था रिहान
मुठभेड़ में मारे गए रिहान के बड़े भाई नौशाद अपने दो रिश्तेदारों आरिफ व अरबाज के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा। उसने बताया कि वह तीन भाई थे। उससे छोटा रिहान और सबसे छोटा सद्दाम है। रिहान की 2012 में अलीगढ़ निवासी आयशा से शादी हुई थी। शादी के बाद से वह गाजियाबाद के मसूरी में रहा था। उसके चार लड़के है। सबसे बड़ा लड़का करीब दस वर्ष का और सबसे छोटा लड़का डेढ़ साल का है।
नौशाद ने बताया कि उसके पिता मोहम्मद आलम की 2014 में मृत्यु हो गई थी। मां नूरजहां मसूरी में रिहान के साथ रहती थी। सद्दाम भी मसूरी में अलग मकान में अपने परिवार के साथ रहता है। नौशाद ने बताया कि वह बड़ौत में रहता है और डेंटिंग पेंटिंग का काम करता है। नौशाद के मुताबिक रिहान ने उसे बताया था कि वह दिल्ली से कंबल, बर्तन व प्लास्टिक का सामान लाता था ओर फेरी पर बेचने का काम करता है।
गुरुवार दोपहर करीब ढ़ाई बजे उससे फोन पर बात हुई थी तो उसने बताया था कि वह सरधना जा रहा है। उसकी वोट कट गई है। वोट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत है। इसके करीब एक घंटे बाद उसका मोबाइल फोन बंद आया। इसके बाद शुक्रवार बड़ौत पुलिस ने उसे रिहान के मारे जाने की सूचना दी। नौशाद ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को मसूरी ले जाया जाएगा।