कांधला (शामली)। एंटी करप्शन टीम के द्वारा रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार लिपिक का शनिवार को चालान कर दिया गया। उधर, लिपिक के पास अथाह संपत्ति होने का भी पता एंटी करप्शन को लगा है। जिस पर टीम संपत्ति की जांच में जुट गई है। फरार अधिशासी अधिकारी की तलाश में दबिश दी जा रही है। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्ज सीट दाखिल की जा सकती है।
शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम के द्वारा राजपुर छाजपुर निवासी ठेकेदार कपिल सिंह की शिकायत के बाद जाल बिछाकर नगर पालिका लिपिक अकरम अंसारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद टीम ने लिपिक अकरम अंसारी से घंटों पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान लिपिक अकरम अंसारी ने बताया था कि किसी भी चैक पर हस्ताक्षर अधिशासी अधिकारी ही करते हैं। उसके द्वारा अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार के कहने पर ही ठेकेदार कपिल सिंह से 50 हजार रुपए लिए थे। वहीं, ठेकेदार कपिल सिंह ने मामले में अधिशासी अधिकारी व लिपिक के खिलाफ रिश्वत मांगने की तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की थी तथा कांधला थाने में एंटी करप्शन टीम प्रभारी सुरेश चन्द के द्वारा लिपिक अकरम अंसारी व अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया था। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी सुभाष चन्द्रा ने बताया कि उनके द्वारा लिपिक अकरम अंसारी को शनिवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद उसे मेरठ जेल भेज दिया गया। टीम जल्द ही अकरम अंसारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। अधिशासी अधिकारी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
लिपिक की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य लोगों ने भी की शिकायत
लिपिक की गिरफ्तारी के बाद कस्बे से कई लोगों ने लिपिक के खिलाफ रुपये वसूली और अन्य कई शिकायतें की है, जिसकी जांच एंटी करप्शन ने शुरू कर दी है।