थानाभवन। कस्बा थानाभवन में एसबीआई शाखा पर लाइन में लगने को लेकर मारपीट हो गई। एक युवक ने सहारनपुर में तैनात एसओजी के सिपाही से आगे खुद लाइन में लगना चाहा, तो हंगामा हो गया। मौके पर तैनात दरोगा ने युवक को हिरासत में लेकर थाने लाकर बैठा दिया।
गांव धनेना निवासी अंकित कुमार यूपी पुलिस में सिपाही है और सहारनपुर एसओजी में तैनात है। मंगलवार को वह गांव से सहारनपुर जाते समय थानाभवन में रुककर एसबीआई शाखा में रुपये निकालने पहुंच गया। जब अंकित लाइन में लगा था, तो गांव हरड़ निवासी युवक वहां पहुंचा और अंकित के आगे लाइन में लगने लगा।
उसने विरोध किया, तो दोनों में गाली गलौज के बाद धक्का मुक्की तक हो गई। इसी दौरान मौके पर तैनात दरोगा ने हरड़ निवासी युवक को पकड़ा और पिटाई कर दी। इसके बाद थाने लाकर उसके परिजनों को सूचना दी। उधर, सिपाही अंकित इसके बाद सहारनपुर चला गया। देर शाम पुलिस ने परिजनों के आने पर हरड़ निवासी युवक को भी छोड़ दिया।
रोजमर्रा का खर्चा चलाना भी हुआ टेढ़ी खीर
थानाभवन। नोट बंदी के छटे दिन पुराने नोट जमा करने और बदलने वालों की बैंकों के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। व्यवस्था बनाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गैस एजेंसी पर पुराने नोट न लिए जाने से भी उपभोक्ता परेशान रहे। दो हजार के नोट ने भी संकट खड़ा कर दिया।
मंगलवार को बैंकों के खुलने से पहले ही बैंकों के बाहर लोगों की लाइनें लग गईं। पीएनबी, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक के सामने सबसे ज्यादा भीड़ रही। हालांकि बैंककर्मी पुराने 500, 1000 के नोट जमा करने और बैंकों से पैसा लेने वालों को बड़ी फुर्ती से लेनदेन कर रहे थे फिर भी लेनदेन करने वालों ने कई बार शोर शराबा भी किया।
बैंकों में 10, 20, 50, 100 के नोट कम आने के कारण ग्राहकों को दो हजार के नोट देने पर भी लोगों को बाजारों में खरीदारी करने में काफी परेशानी रही। छोटे नोटों के अभाव में बाजार भी सुनसान रहे। एटीएम भी शोपीस बने रहे। बैंकों से छोटे नोटों के न मिलने से लोग रोजमर्रा का सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। वहीं गैस एजेंसी पर 500 का पुराना नोट न लिए जाने के कारण उपभोक्ता खासे परेशान दिखाई दिए।
बिल जमा कराने को नगर में घूमी वैन ः थानाभवन। विद्युत निगम ने बिजली के बिल में 500, 1000 के नोटों का भुगतान कराने के लिए सचल वैन कस्बे के कई स्थानों पर भेजी। लोगों ने वैन पर पहुंचकर पुराने 500 और 1000 के नोट जमाकर बिल का भुगतान किया। इससे जहां लोगों को पुराने नोटों से छुटकारा मिला, वहीं बिल भुगतान की समस्या का भी समाधान हो गया।
डीएम साहब पैसे दिला दो, बेटी की शादी है
शामली। नोटबंदी से एक परिवार में बिटिया की शादी मुश्किल में पड़ गई है। मोहल्ला दयानंदनगर निवासी लालबर शर्मा और उनकी पत्नी उमेश देवी मंगलवार को कलक्ट्रेट में आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे। बताया कि 23 नवंबर को उनकी बेटी की बारात आनी है, सभी तैयारियां हो चुकी हैं। मगर नोटबंदी से मुश्किल खड़ी हो गई है।
व्यापारियों ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लेने से इंकार कर दिया, तो सभी नोट बैंक में जमा करा दिए गए। अब बैंक वाले सिर्फ 10 हजार रुपये ही निकालने की बात कह रहे हैं। यदि पैसों का इंतजाम नहीं हुआ, तो शादी समारोह में बाधा होगी। डीएम ने कहा कि बैंक खाते से आरबीआई की गाइड लाइन के हिसाब से ही रुपये निकाले जा सकते हैं, फिर भी वह लीड बैंक मैनेजर से इस बारे में बात करेंगे।