शामली। स्वतंत्रता दिवस पर नगर पालिका परिषद द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया। वहां कवियों ने एक से बढ़कर एक काव्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
मंगलवार रात को महाराजा अग्रसेन बरातघर हनुमान टीला पर मेरी माटी मेरा देश के अंतर्गत कवि सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल व डीएम रविंद्र सिंह ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। एडीएम संतोष कुमार, नगर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने सभी कवि व शायरों का पटका व फूल मालाओं से स्वागत किया। प्रसिद्ध कवि डॉ. शुभम त्यागी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने हिंदू-मुस्लिम चाहे जो लिखा हो माथे पर मगर, अपने सीने पर तो हिंदुस्तान होना चाहिए। प्रदीप मायूस ने कहा बस एक यही बात है सबकी जुबान पर, भारत का नाम लिख देंगे, हम आसमान पर। आंखें निकाल लेंगे ओर खेलेंगे गोटियां, कोई नजर उठाए तो हिंदोस्तान पर। डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने कहा है राष्ट्र बढ़ा सारे ही धर्मों को छोड़कर, आओ करें प्रणाम सभी हाथ जोड़ कर। डॉ. शुभम त्यागी ने पढ़ा, स्पर्श हुआ जब से तेरा चहकी चहकी हूं, सजनवा बहकी बहकी हूं, बलमवा महकी महकी हूं।
कवियत्री पूनम बडोला ने जो मैं हो जाऊं ओझल तो रस्ता नापा करती हैं, भीड़ में एक जोड़ी आंखें मुझको ताका करती हैं। योगेंद्र सुंदरियाल ने अपनी हास्य से ओतप्रोत रचना से सभी श्रोताओं को जमकर हंसाया। अनिल बाजपेई ने देश भक्ति की गंगा बहाई। अंसार सिद्दीकी ने पाजेब की वो नुगराई झंकार छोड़ कर ये तुझ को किस ने कह दिया घुंघरू तलाश कर। एडीएम संतोष कुमार ने भी उत्कृष्ट काव्यपाठ किया। इस दौरान राधाकांत पांडेय, तनवीर जलालपुरी, के. मधुकर, बलराज मलिक, प्रीतम सिंह प्रीतम, अनिल पोपट ने भी शानदार काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर कौसर जेदी ने की।