शामली/गढ़ीपुख्ता। जिले में तालाबों, सरकारी आवासों और यहां तक कि शत्रु संपत्ति पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत मकान बना दिए गए हैं। लगभग 100 मामले पकड़ में आए तो उन्हें रिकवरी नोटिस जारी कर दिया गया। इनमें से किसी को पहली तो किसी को दूसरी किस्त मिली थी। कई के तो आवास बनकर भी तैयार हो चुके हैं। इन लोगों को लगभग 70 लाख रुपये से ज्यादा राशि दी गई है।
अपात्रों के आवास बनाने के मामले जिले की तीनों नगर पालिकाओं एवं सातों नगर पंचायतों में मिले हैं, लेकिन सबसे ज्यादा संख्या थानाभवन और गढ़ीपुख्ता में है। गढ़ीपुख्ता में 18 लोगों के आवास शत्रु संपत्ति पर बनवा दिए गए हैं। अनुदान देने से पहले यह जांच नहीं की गई कि जिस भूमि पर मकान बनाया जा रहा है, वह लाभार्थी की अपनी है या नहीं।
तहसील से हुई जांच में मामला पकड़ में आ गया और अब लाभार्थियों को नोटिस दिए गए हैं। धनराशि वापस नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गढ़ीपुख्ता में शत्रु संपत्ति पर मकान बनाने वाले 18 लोगों में से प्रत्येक को दो किस्तों 177819 रुपये यानी लगभग 32 लाख रुपये दिए गए हैं। अपात्र होने का पता लगने पर इनकी तीसरी किस्त रोक दी गई थी।
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मकान पर कर दिए खर्च, अब कहां से दें रकम
नोटिस मिलने के बाद से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से उस जमीन पर रह रहे हैं, जहां मकान बनाया गया है। अब अचानक उसे सरकारी या शत्रु संपत्ति बता दिया गया। गढ़ीपुख्ता निवासी शफीक, बबीता, इमराना, गफूर, नफीस, वसीला, जरीना, रशीदा, यामीन, जाहिद, मुर्शीदा, आमना, उस्मान, हमीदा, बबीता, बुद्धू आदि का कहना है कि उनके मकान बन चुके हैं। अब उन्हें अपात्र बताकर नोटिस जारी किया जा रहा है। योजना में मिले रुपये उन्होंने खर्च कर दिए। अब वापस कहां से लाएं।
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हर किसी के पास कोई न कोई दस्तावेज
शामली। गढ़ीपुख्ता का मोहल्ला पूर्वी कश्यपपुरी वार्ड 11 के अंतर्गत आता है। यहां करीब 250 परिवार रहते हैं। वार्ड में सड़कें, टंकी, शौचालय, हैंडपंप आदि नगर पंचायत की ओर से लगे हैं।
लाभार्थी शफीक का कहना है कि वह टाउन एरिया बनने के बाद से ही हाउस टैक्स ,पानी व बिजली का बिल जमा कर रहे हैं । लिंटर तक मकान तैयार हो चुका है, अब पैसा कहां से लौटा दें। गफूर और यामीन के पास मकान का बैनामा हैै। जरूना के पास हाउस टैक्स एवं वाटर टैक्स की रसीदे हैं। इसी तरह अन्य लोगों के पास भी कुछ न कुछ दस्तावेज हैं। उन्होंने अपनी जमीन पर मकान बनवाया है। अब उसे शत्रु संपत्ति बताया जा रहा है।
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इन्होंने कहा...
लाभार्थियों ने शपथ पत्र दिए थे कि अपात्र पाए जाने पर धनराशि वापस करेंगे। जिले में लगभग 100 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें से कुछ ने तालाब, कुछ ने सरकारी तो कुछ ने शत्रु संपत्ति पर मकान बनाया है। इनकी तीन बार तहसील से जांच हो चुकी है। अपात्र की पुष्टि होने पर रिकवरी नोटिस दिए गए हैं। - प्रदीप कांत, परियोजना अधिकारी, डूडा।
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पीएम आवास योजना के कुछ अपात्रों को लाभ मिलने के मामले सामने आए हैं। उनकी अगली किस्त पर रोक लगा दी गई है। गलत तरीके से लाभ लेने वालों से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। - जसजीत कौर, डीएम।