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Shamli News: पौधरोपण के रिकॉर्ड हरे, हरियाली के नतीजे सूखे

Fri, 05 Jun 2026 01:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली/ऊन। विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के दावे हर साल किए जाते हैं। जिले में भी वन विभाग समेत विभिन्न विभागों द्वारा बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाए जाते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में पिछले दस वर्षों में जनपद में 1 करोड़ 18 लाख 82 हजार 128 पौधे लगाए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन आंकड़ों से मेल नहीं खाती। पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण की कमी के कारण बड़ी संख्या में पौधे समय से पहले ही नष्ट हो जाते हैं, जिससे हरियाली बढ़ाने का उद्देश्य अधूरा है।
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वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 से 2020 के बीच जिले में 35 लाख 24 हजार 167 पौधे लगाए गए, जबकि वर्ष 2021 से 2026 तक 83 लाख 57 हजार 961 पौधों का रोपण किया गया। बढ़ते तापमान और लगातार घटते हरित क्षेत्र के बीच पौधरोपण अभियानों की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पड़ताल में सामने आई हकीकत
झिंझाना रोड से कैराना रोड की ओर जाने वाली नहर पटरी पर लगाए गए कई पौधे सूखे मिले। वन विभाग कार्यालय के मुख्य द्वार के पास चबूतरे में लगाया गया पौधा भी दम तोड़ चुका था। पिछले वर्ष नवोदय विद्यालय के मुख्य गेट के निकट लगाए गए पौधों में भी अधिकांश सूख चुके थे। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जगहों पर पौधरोपण तो किया गया, लेकिन बाद में सुरक्षा और निगरानी के अभाव में पौधे सूख चुके हैं।
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लोगों ने उठाए संरक्षण पर सवाल
शहर निवासी आरके सिंह और अशोक का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में दर्ज पौधों का बड़ा हिस्सा जीवित होता तो जिले की तस्वीर कहीं अधिक हरित दिखाई देती। उनका कहना है कि पौधरोपण के साथ-साथ पौधों को बचाने की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए, अन्यथा यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
कटान रोकने में भी सख्ती नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर पौधरोपण के बड़े-बड़े लक्ष्य पूरे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध कटान पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। गढ़ी अब्दुल्ला समेत कई क्षेत्रों में बिना लाइसेंस संचालित आरा मशीनों पर हरियाली का कटान जारी है।

निगरानी और देखभाल सबसे जरूरी
पर्यावरण प्रहरी मीरा आर्या का कहना है कि पौधे लगाना पहला कदम है, लेकिन उन्हें जीवित रखना उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। नियमित सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी के बिना पौधरोपण अभियान अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकते।
पौधरोपण का वर्षवार आंकड़ा
वर्ष वन विभाग अन्य विभाग कुल
2021 2,40,408 9,95,356 12,35,764



2022 2,80,476 11,78,607 14,59,083

2023 2,28,815 12,40,857 14,69,672
2024 2,28,600 11,49,080 13,77,680

2025 2,15,000 12,64,280 14,79,280

2026 2,50,000 10,86,482 13,36,482
नोट : आंकड़े वन विभाग से प्राप्त।

जिले में लगातार पौधरोपण कराया जा रहा है। इस वर्ष भी 14 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। यदि कहीं पौधों की देखभाल में लापरवाही मिली तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी
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