नाई नंगला में अधिकारियो के साथ निरीक्षण करती एसडीएम ऊन अर्चना शर्मा
शामली। सहारनपुर के लखनौती से चौसाना में प्रवेश करने वाली खोखरी नदी पर जगह-जगह हुए अतिक्रमण को हटवाने के लिए विभागीय अधिकारियोंं ने प्लान तैयार कर लिया है। जल्द ही इसका सर्वे किया जाएगा। साथ ही अधिकारी देखरेख भी करेंगे। इसके लिए एसडीएम और परियोजना अधिकारी ने नदी का जायजा लिया और मातहतों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
यमुना से अलग होकर निकली नदी के एक हिस्से को खोखरी नदी का नाम दिया गया था। जो लखनौती से चौसाना, कमालपुर से केरटू जाकर यमुना मे मिल जाती है। खोखरी के चौसाना क्षेत्र से निकलने के कारण सैकड़ों गांवों के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिली थी। मगर अब नदी पर अतिक्रमण किया हुआ है।
नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी डाॅ. सोनू कुमार ने बताया कि एनजीटी में नदी को लेकर अमित कुमार ने याचिका दायर की थी, जिसमें 300 साल पुरानी नदी पर हुए अतिक्रमण की बात कही गई थी। एनजीटी ने मामले की सुनवाई की और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। अगली सुनवाई 28 अगस्त को करने की बात कही गई।
डीएम के निर्देश पर विलुप्त होने के कगार पर पहुंची नदी के जीर्णोद्धार के प्लान के लिए ड्रेनेेज विभाग के अधिकारियों, एसडीएम ऊन ने स्थलीय निरीक्षण किया। सर्वे के लिए एसडीएम ने लोकल टीम गठित करने को कहा। जिसमें सभी विभागों का एक-एक सदस्य भी रहेगा। कहा कि नदी पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
नदी को फिर से जीवित करने के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। कई विभाग मिलकर सर्वे करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट एनजीटी को भेजी जाएगी। ग्रामीणों से भी इस संबंध में बयान लिए जाएंगे। - डॉ. सोनू कुमार, जिला परियोजना अधिकारी