शामली में पाकिस्तान से अवैध असलहे भारत भेजने वालों का बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया है। हथियारों के सौदागरों उन लोगों को जरिया बनाकर पाकिस्तान से हथियार मंगा रहे हैं, जो अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाते हैं। गंगेरू के इस्माइल गिरफ्तारी के साथ ही पूर्व में सामने आए ऐसे मामले इसका प्रमाण हैं।
गत वर्ष छह मार्च 2014 को कांधला का अनीस, उसकी पत्नी शहनाज, मुल्ला नसीर, रजिया, कैराना का आरिफ और जलालाबाद के आरिफ खान को पिस्टलों के पार्ट्स के साथ पकड़ा गया था। इन लोगों को शामली के रिहान काला और राशिद ने पाकिस्तान से पिस्टल के पार्ट्स मंगाए थे। उन्हें भी लालच दिया गया था कि हमारा सामान लाने पर प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राशिद को नौ जनवरी 2015 को गिरफ्तार कर लिया था।
राशिद कैराना की हमीदा का दामाद है। हमीदा भी इस तरह की गतिविधियों में लिप्त बताई जा रही है। वहीं, हथियारों के सौदागर रहे दिलशाद मिर्जा से भी इसके संबंध पुलिस ने बताए थे। इसके अलावा कई साल पूर्व कांधला की नसीरन भी हैरोइन के साथ अटारी बॉर्डर पर पकड़ी गई थी। अब गंगेरू के इस्माइल और उसके परिवार के लोगों को शामली के युवक ने अपने जाल में फंसाया। इस्माइल के बेटे ने उसका नाम साजिद बताया है। उन्हें लालच दिया कि पाकिस्तान से सामान लाने पर 18-18 हजार रुपये दूंगा। चिंता की बात यह है कि आखिर पाकिस्तान से पिस्टल मंगाने वाले इन हथियारों के सौदागरों के मंसूबे क्या हैं।