यूपी-हरियाणा सीमा विवाद के समाधान के लिए लगाएं जाएंगे पिलर
कैराना। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद के मामले में एसडीएम ने पीडब्लूडी विभाग को सीमा पर लगाए जाने वाले नए पिलरों का स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। शासन से बजट आने के बाद सीमा पर चिह्नीकरण कराकर नए पिलर लगाए जाएंगे।
कई दशक से चल रहे हरियाणा यूपी-सीमा विवाद के समाधान के लिए दो माह पूर्व बागपत में दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में 1974 के दीक्षित आयोग के गठन के बाद सीमा पर लगाए गए पिलरों का सर्वे कराकर नए पिलर लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। 25 नवंबर को एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने नायब तहसीलदार कोमिन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में हरियाणा के जिला पानीपत व करनाल से लगती शामली जिले की सीमा पर लगे पिलरों का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। पिलर सर्वे कार्य पूरा होने के बाद हरियाणा व यूपी के अधिकारियों ने पिलर सर्वे की ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार करके डीएम को भेज दी थी। मंगलवार को एसडीएम ने पीडब्लूडी के सहायक अभियंता वीके मित्तल, तहसीलदार रनबीर सिंह और हल्का राजस्व लेखपाल जमना प्रसाद के साथ बैठक की। एसडीएम ने बताया कि 1974 में दीक्षित आयोग द्वारा यमुना की मध्य धारा को दोनों प्रदेशों की सीमा मानते हुए पिलर लगाए गए थे। इनमें से अधिकांश पिलर नष्ट हो गए। एसडीएम ने पीडब्लूडी विभाग को नए पिलरों का स्टीमेट तैयार करने को कहा, जिसे शासन को भेजा जाएगा।
यूपी प्रशासन 349 पिलर लगाएगा
पीडब्लूडी के सहायक अभियंता वीके मित्तल ने बताया कि 1974 के दीक्षित आयोग के समय यमुना की धारा के मध्य वाले स्थान पर कुल 496 बाउंड्री पिलर लगाएं जाएंगे। इनमें से 250 पिलर यूपी प्रशासन लगाएगा। इसके अलावा तत्कालीन यमुना के बाहर गांव की और जमीन से दो दो फीट ऊंचे यूपी प्रशासन द्वारा 95 सब रेफरेंस पिलर लगाए जाएंगे। गांव के निकट 4 मेन रेफरेंस पिलर लगेंगे। इनका स्टीमेट तैयार करके शासन को जल्द भेज दिया जाएगा।
कोट-
पीडब्लूडी द्वारा नए पिलर का स्टीमेट शासन को भेजे जाने के बाद शासन से पैसा आने पर सर्वे आफ इंडिया चंडीगढ़ द्वारा सीमा का चिह्नीकरण कराने के बाद नए पिलर लगाएं जाएंगे।
-डा. अमित पाल शर्मा, एसडीएम