शामली। रमजान के मुबारक महीने में रोजा रखना हर बालिग मर्द और औरत पर फर्ज है। कुछ खास लोगों को अल्लाह ताआला ने रोजों में छूट दी है। मदरसा इमदादिया रशीदिया शामली के मोहतमीम मुफ्ती साजिद कासमी ने बताया कि बीमार, मुसाफिर और मासिक धर्म वाली महिलाओं को रोजा छोड़ने की इजाजत है, मगर जितने दिन वह सफर, मासिक धर्म और बीमारी में रहे, उतने दिन बाद में रोजे रखने होंगे। शामली में उलमाओं द्वारा जारी की गई हेल्पलाइन पर हर रोज 10 से अधिक रोजेदार कॉल कर रोजे के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। उलमा उनका समाधान बता रहे हैं।
प्रश्न : रोजेदार को यदि कोई पीड़ा है तो क्या वह इंजेक्शन लगवा सकते हैं
जवाब : जी हां, लगवा सकते हैं, इससे रोजा नहीं टूटेगा।
प्रश्न : यदि रोजेदार भूल से कुछ खा ले तो क्या उसका रोजा माना जाएगा ?
जवाब: भूल में रोजा नहीं टूटता है, उसका रोजा माना जाएगा।
प्रश्न: रोजे के दौरान यदि मुंह में खून चला जाए तो क्या रोजा टूट जाएगा?
जवाब : खून के अंदर जाने पर रोजा नहीं टूटेगा।
इन हेल्पलाइन नंबरों पर ले सकते हैं जानकारी
मदरसा इमदादिया राशिदिया के मुफ्ती साजिद कासमी और अन्य ने रोजेदारों की मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू की हुई है। लोग 9917545476 और पर कॉल कर रोजे के संंबंध में अपनी शंकाओं को दूर कर सकते हैं।
इनसे टूट जाता है रोजा
कान और नाक में दवा डालना, जान बूझकर मुंहभर उल्टी करना, कुल्ली करते समय हलक के अंदर पानी चले जाना, समय खत्म होने के बाद भी सहरी के समय खाना खाते रहना।
इनसे नहीं टूटता रोजा
मिसवाक करना, सिर में तेल लगाने, आंखों में सूरमा डालने, खुशबू सूंगने, गर्मी व प्यास की वजह से गुस्ल करने, गर्मी के कारण शरीर पर ठंडा कपड़ा रखने, किसी भी तरह कीा टीका, इंजेक्शन लगवाने वह चाहे नस या फिर शरीर में लगाया जाए, भूलकर खाना खाने, मुंह में धुआं जाने, मक्खी के मुंह में जाने, दांतों से खून निकलकर हलक में चले जाने आदि।