शामली। शिवरात्रि को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित तपेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन शुभ मुहूर्त में करना विशेष फलदायी माना जाता है। पंडित जी ने बताया कि जलाभिषेक के लिए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय के आसपास तक का समय विशेष शुभ रहेगा। श्रद्धालु इस अवधि में शिवलिंग पर जल अर्पित कर भगवान शिव का पूजन कर सकते हैं। इसके अलावा शिवरात्रि की रात में भी चार प्रहर में पूजा का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले शिवलिंग पर स्वच्छ जल और गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद दूध से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और फल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
-मुख्य मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि समय : 11 अगस्त को सुबह 4:54 बजे से अगले दिन (12 अगस्त) सुबह 1:54 बजे तक
निशीथ काल पूजा मुहूर्त : रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त / जलाभिषेक समय : सुबह 5:23 बजे से सुबह 6:00 बजे तक