कैराना तहसील में रेत खनन ठेके के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : SHAMLI
खनन के विरोध में लोगों ने किया प्रदर्शन
कैराना। नंगला राई के लोगों ने रेत खनन के विरोध में तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। लोगों ने रेत खनन के चलते तटबंध को खतरा बताते हुए खनन रुकवाए जाने की मांग की। आशंका जताई कि गांव में बाढ़ के हालात बन सकते हैं।
मंगलवार को कैराना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में गांव नंगला राई और रामड़ा के दर्जनो ग्रामीणों ने पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नंगला राई में यमुना से रेत खनन का ठेका छोड़ा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि गांव में रेत खनन शुरू होने से यमुना किनारे गहरे गड्ढे हो जाएंगे। जिससे यमुना नदी का पानी आने से ग्राम रामड़ा और आसपास के सभी गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। यमुना की बाढ़ रोकने के लिए बनाया गया बंधा भी टूट सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल यमुना नदी हरियाणा की तरफ बह रही है, यदि खनन होता है तो यमुना नदी की जलधारा उनके गांवों की ओर मुड़ जाएगी। जिससे हजारों बीघा फसल को नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दो माह पूर्व भी यमुना बंधे पर खड़े हरे पेड़ जेसीबी से तोड़कर नष्ट करा दिए गए थे। जिसकी शिकायत उन्होंने अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने रेत खनन के ठेके को बंद कराने की मांग की हैं। इस दौरान ब्रह्म सिंह एडवोकेट, नंगला राई ग्राम प्रधान यूसुफ, मुर्सलीन, राशिद, शमीम, हाशिम, नाजर, हनीफ, तसलीम, मुबारिक आदि ग्रामीण मौजूद रहे। एसडीएम कैराना के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया तो एसडीएम का कार्यभार संभाल रहे तहसीलदार रणवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है इसकी जांच कराई जाएगी।