शामली। मुख्यमंत्री के 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश भी अधिकारियों ने ताक पर रख दिए हैं। जिले की तमाम सड़कों में गड्ढे होने के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों के चलते रोजाना हादसे हो रहे हैं।
जिले की तमाम सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। अधिकारी स्थानों पर गड्ढे भरने के तमाम दावे करते हैं, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं होती। पिछले दिनों जो गड्ढे भरे गए, वहां भी रोड़ी उखड़ गई। शहर से जुड़े मेरठ-करनाल हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे की हालत खस्ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले रास्तो का भी बुरा हाल है। फिलहाल मिलों का पेराई सत्र चल रहा है। टूटे रास्तों के कारण किसानों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रा की मौत के बाद मचा था हल्ला, अब सब शांत
पिछले माह 10 अक्तूबर को सड़क के गड्ढे में ई-रिक्शा का पहिया पलटने से छात्रा की मौत हो गई थी। तब जर्जर सड़कों को लेकर खूब हल्ला मचा था। तब कुछ सड़कों पर गड्ढे भरने के नाम पर लीपापोती भी की गई थी। इसके बाद फिर मामला शांत हो गया।
गड्ढों के चलते हो रहे हादसे
झिंझाना। ऊन-थानाभवन मार्ग पर गड्ढों के कारण शनिवार को तीन हादसों में चार लोग गंभीर घायल हो गए थे, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग गहरी नींद सोया हुआ है। मेरठ-करनाल हाईवे पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिससे कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। झिंझाना गाड़ी वाला चौक, अहमदगढ़, केरटू तथा बिड़ौली में पुलों के निर्माण के कारण हाईवे पर चलने वाले वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिड़ौली, केरटू, अहमदगढ़ में पुलों के निर्माण की बराबर में अभी तक सर्विस रोड भी नहीं बनाए गए हैं। जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं बाइक वालों का निकलना भी दुश्वार है।
ऊन-चौसाना मार्ग खस्ताहाल।- फोटो : SHAMLI
ऊन-थानाभवन मार्ग खस्ताहाल।- फोटो : SHAMLI
शामली में क्षतिग्रस्त कैराना रोड।- फोटो : SHAMLI