बाबरी थाने में थानाप्रभारी से वार्ता करते बनती खेड़ा के वाल्मीकि समाज के लोगों
- महिला के शव का अंतिम संस्कार करने के दौरान दो वर्ग के लोग आए थे आमने-सामने
- श्मशान और कब्रिस्तान की भूमि को लेकर है विवाद
शामली, बाबरी। थाना क्षेत्र के गांव बंतीखेड़ा में महिला के शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर दूसरे वर्ग के लोगों द्वारा विरोध करने को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतक महिला के समाज के लोगों ने थाना प्रभारी से मिलकर अपना पक्ष रखते हुए दूसरे वर्ग के किसान पर कब्जा कर गन्ने की फसल बोने का आरोप लगाया।
बुधवार की शाम गांव निवासी महिला पूनम की चारा काटते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। परिजनों द्वारा गांव में ही श्मशान की भूमि पर अंतिम संस्कार की तैयारी की। जिस पर दूसरे वर्ग के लोगों ने कब्रिस्तान बताते हुए अंतिम संस्कार करने का विरोध किया था। इस मामले को लेकर दोनों वर्ग के लोग आमने-सामने आ गए थे। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाते हुए शव का अंतिम संस्कार कराया था। तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर रात में ही पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार शाम को मृतक महिला के समाज के लोगों ने बाबरी थाना प्रभारी से मिलकर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि श्मशान की भूमि पर 1975 से अंतिम संस्कार होता आ रहा है। उन्होंने दूसरे वर्ग के एक किसान पर भूमि पर कब्जा कर गन्ने की फसल बोने का भी आरोप लगाया। बाबरी थाना प्रभारी ने राजस्व विभाग अधिकारियों से वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण लौट गए। इस दौरान सुनील कुमार भारती, पीतम सिंह, रविंद्र, भंवर सिंह, सोनू, विनोद आदि मौजूद रहे।