शामली/बनत। सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है, लेकिन जिला अस्पताल में इसके लिए 400 से 500 रुपये तक मरीजों से वसूले जा रहे हैं। आम मरीजों को जहां सीटी स्कैन कराने के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दलाल रुपये लेते ही तुरंत या अगले दिन ही जांच करा रहे हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।स्टिंग के दौरान टीम की अस्पताल में काम कराने वाले कर्मचारियों और दलालों से बातचीत में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
केस-1
संवाददाता : भाई, बहन का सीटी स्कैन तुरंत कराना है, कितने रुपये लगेंगे
कर्मचारी : जो देना है दे देना
संवाददाता: बताओ कितने देने हैं
कर्मचारी: 400 रुपये दे देना, तुरंत काम हो जाएगा।
केस-2
संवाददाता: भाई, सीटी स्कैन कराना है अभी, कितने रुपये लगेंगे
दलाल: दूसरे साथी का नंबर देते हुए, इनसे बात कर लो, तुरंत करा देंगे
संवाददाता: कितने रुपये लगेंगे
दलाल: 500 रुपये दे देना
संवाददाता: हम तो गरीब आदमी हैं, कम कर लो
दलाल: कई दिन की वेटिंग चल रही है, रुपये देते ही काम तुरंत हो जाएगा
महिला मरीज को लेकर पहुंचा संवाददाता
स्टिंग के दौरान संवाददाता रविता नाम की महिला मरीज को लेकर पहुंचे। 400 रुपये तय होने के बाद तुरंत सीटी स्कैन कराने की बात कही गई और भरोसा दिलाया गया कि किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
छह से अधिक कर्मचारी सक्रिय
अस्पताल में छह से अधिक कर्मचारी इस खेल में सक्रिय हैं, जो हेल्प डेस्क से लेकर अन्य विभागों में तैनात हैं। माना जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की वसूली संभव नहीं है।
पहले भी हो चुका है खुलासा
अमर उजाला ने 9 से 12 जनवरी 2025 तक अभियान चलाकर जांच के नाम पर वसूली का खुलासा किया था। उस समय अस्पताल कर्मचारियों और निजी लैब की मिलीभगत सामने आई थी। कार्रवाई में तीन कर्मचारियों को हटाया गया था।
मरीजों की परेशानी
कैराना के सबीर ने बताया कि उन्हें सिटी स्कैन के लिए दो दिन बाद की तारीख दी गई, जबकि जरूरत तत्काल थी। जौला गांव की फातमा ने बताया कि दो दिन से चक्कर लगा रही हूं, लेकिन अभी तक जांच नहीं हो सकी।
सीटी स्कैन की सुविधा पूरी तरह निशुल्क है। यदि कोई रुपये मांग रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच कराई जाएगी। -डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस