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अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

Tue, 22 Sep 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ शामली
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झिंझाना। कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही बीमारी के चलते सरकारी अस्पतालों में मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल में आने वाले 500 मरीजों में से 350 मरीज बुखार से पीड़ित हैं।
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मरीजों को दवाइयों के नाम पर सरकारी अस्पतालों में खानापूर्ति की जा रही है। जिससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। झिंझाना क्षेत्र के गांव पुरमाफी, मंसूरा, लक्ष्मणपुरा, सेवापुर, दरगाहपुर में दर्जनों ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। सोमवार को झिंझाना सीएचसी पर इन गांवों के मरीजों की संख्या ज्यादा रही।

 500 मरीजों में से लगभग 350 मरीज बुखार से पीड़ित रहे। ग्रामीण मुकेश कोरी का कहना है, उसका बेटा तीन दिन से यहां भर्ती है। सभी दवाइयां चिकित्सक बाहर मेडिकल स्टोर से मंगवा रहे हैं। यहां बुखार की मात्र तीन गोलियां हैं। अब तक तीन हजार रुपये की दवाइयां दी जा चुकी हैं। बेटे की हालत ठीक नहीं हो पा रही है।
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मतलूब मंसूरा, वाजिद झिंझाना, वेदपाल सेवापुर, सदाम, इकबाल, जहूरन, विनोद पुरमाफी, पवन, अमित लक्ष्मणपुरा आदि ने बताया की सीएचसी पर बुखार की तीन गोलियां दी जा रही हैं। बाकी बाजार से खरीदने के लिए कहा जा रहा है। मरीजों का आरोप है कि सभी वार्डों में गंदगी व्याप्त है। कोई सफाई की व्यवस्था के साथ पीने के पानी व रोशनी के लिये इंवर्टर आदि नहीं है।

चिकित्सकों की सुनिए
सीएचसी पर मरीजों का उपचार कर रहे डॉक्टर तरुण चौधरी ने बताया कि दवाइयों का वितरण उपलब्धता के हिसाब से किया जा रहा है। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी ऊन डॉक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि हैंडपंप से पानी गंदा आ रहा है। रोशनी के लिए अस्पताल में जेनरेटर है, लेकिन डीजल के लिए बजट नहीं आया है। सफाई का ध्यान रखा जा रहा है। बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा है। मरीजों को अस्पताल से दवाइयां भी दी जा रही हैं।
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