सवारियां हुईं कम, सिमट गई आय
शामली। पंचायत चुनाव के बाद कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ-साथ कोरोना कर्फ्यू में सवारियां कम निकल रही हैं। जिससे यूपी रोडवेज की बसों की सिर्फ एक तिहाई आय सिमट कर रह गई है। मेरठ- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, लोनी और बड़ौत आदि दूसरे डिपो की बसो की संख्या घट गई है। सवारियों की उपलब्धता पर यूपी रोडवेज की बसो का संचालन हो रहा है।
अप्रैल माह में तेजी से कोरोना संक्रमण फैला है। पंचायत चुनाव के बाद पहले सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन, फिर तीन दिन लॉकडाउन की अवधि बढ़ी। इसी प्रकार मई के प्रथम सप्ताह में लॉकडाउन की अवधि नौ मई तक कर दिए जाने के बाद सवारियां बहुत कम निकलने से यूपी रोडवेज बसों की सेवाओं में कमी आ गई है। हालात यह हो गए हैं कि सवारियों के अनुरूप यूपी रोडवेज बसो का संचालन किया जा रहा है। लॉकडाउन से पहले शामली रोडवेज डिपो की 23 रोडवेज बसों की आय साढ़े तीन लाख रुपये प्रतिदिन होती थी।
अब यूपी रोडवेज बसो की आय घटकर मात्र एक लाख रुपये तक सिमट गई है। मेरठ-सहारनपुर, लोनी, मुजफ्फरनगर, बड़ौत, पानीपत, करनाल आदि डिपो की बसो की संख्या कम हो गई है। सवारियों का इकट्ठा होने के बाद यूपी रोडवेज बसो का संचालन किया जा रहा है। कोरोना लॉकडाउन में रोडवेज बसो की सेेवाएं और ट्रिप प्रभावित हुई है।
शामली रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि लॉकडाउन के चलते दिन भर में दस से लेकर 15 प्रतिशत सवारियां रह गई है। साढे़ तीन लाख रुपये की प्रतिदिन की आय सिर्फ एक लाख दस हजार में सिमटकर रह गई है। कोरोना संक्रमण काल मेें पचास फीसदी रोडवेज के कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित हुई है।