झिंझाना। बिडौली सादात में सालाना जलसे का आयोजन किया। मौलाना ने लोगों से कहा कि तालीम के बिना मनुष्य में तरक्की और जीने का सलीका नहीं आ सकता। अभिभावक अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं।
ग्राम बिडौली सादात स्थित मदरसा फैजुल उलूम में सालाना जलसे में छह बच्चों ने कुरान ए पाक मुकम्मल किया, जिन्हें दस्तार बंदी यानी पगड़ी बांधने की रस्म की गई। तहसील नकुड़ से आए मौलाना मुशर्रफ ने फरमाया कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नहीं कर सकती। मौलाना महफूज उर रहमान ने कहा कि वह अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करें और नशाखोरी जैसी गंभीर बुराइयों से बचने की अपील की। कार्यक्रम में मौलाना मुस्तफा साहब मजाहिरी ने लड़़कियों की तालीम पर जोर दिया और छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जलसे की शुरुआत कुरआन-ए- पाक की तिलावत के साथ की गई। मौलाना रशीद अमीरे जमात मेवात हरियाणा ने दुआ कराई। जलसे के कारी नवेद फौजी ने जलसे में आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। इस मौके पर मुफ्ती नासिर, मौलाना अजीम, कारी बिलाल, कारी इकरार, वाजिद, हाफिज नसीम, फुरकान, इसरार प्रधान, चौधरी महमूद भूरा, डॉक्टर खान, वासिद आदि मौजूद रहे।
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