जलालाबाद में बारिश में गिरी धान की फसल। संवाद
जलालाबाद। बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई, जबकि हाल ही में बोई लहसुन की फसल के बीज के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। गोभी, उड़द और गन्ने की फसल पर भी बारिश की मार पड़ी है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद दोबारा खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
धान उत्पादक किसान पंकज नायक ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह पक चुकी थी और दो-चार दिन में कटाई शुरू होनी थी। तेज हवा और बारिश ने फसल जमीन पर गिरा दी। सब्जी उत्पादक किसान पिंकी सैनी ने बताया कि तैयार गोभी की अगेती फसल के खेत में पानी भर गया है। दो दिन तक पानी नहीं निकला तो पौधे सड़ सकते हैं। लहसुन उत्पादक किसान सचिन सैनी के अनुसार बुवाई के बाद अभी जमाव भी ठीक से नहीं हुआ था कि बारिश से खेत तालाब बन गया। किसान चौधरी यूनुस ने बताया कि उड़द की पककर तैयार फसल में पानी भरने से नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव के अनुसार अधिक बारिश से सब्जियों के अलावा अन्य फसलों को भी नुकसान हो सकता है। जलभराव से जड़ों को नुकसान पहुंचने और पौधों के सड़ने की आशंका रहती है। फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें। बारिश के बाद खेतों की स्थिति देखकर ही खाद और दवाओं का इस्तेमाल करें।