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ओवरब्रिज निर्माण को नहीं मिली मंजूरी

Wed, 16 May 2018 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
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Overbridge - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। इस बार भी शासन से मेरठ- करनाल पर रेलवे के सहयोग से शहर के बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित 18 मीटर लंबाई का ओवरब्रिज निर्माण के लिए हरी झंडी नहीं मिली। शासन से बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज प्रोजेक्ट पर आपत्ति लगाकर  रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सेतु निगम को वापस भेज दिया गया। शासन ने सेतु निगम से यह जानकारी मांगी कि लोक निर्माण विभाग की ओवरब्रिज के लिए कुल 18 मीटर भूमि में  कितनी भूमि है। शेष भूमि का स्वामी कौन है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी।
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दो साल पूर्व  शहर के मेरठ- करनाल मार्ग पर बुढ़ाना रोड़ रेलवे फाटक पर रेलवे के सहयोग से उत्तर प्रदेश सेतु निगम के संयुक्त प्रयास से ओवरब्रिज का 45 करोड़ रुपये का  प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश निगम ने इस प्रोजेक्ट को लोकनिर्माण विभाग के माध्यम से शासन को भेजा गया था। शासन ने इस प्रोजेक्ट तैयार करने में आठ मीटर भूमि के 16 करोड़ रुपये के  मुआवजा को अधिक बताकर सर्किल रेट से  सत्यापित करके रिपोर्ट मांगी थी।

लोक निर्माण विभाग ने शामली चीनी मिल के प्रबंधकों से मिलकर सेतु की लंबाई घंटाकर छह मीटर लंबाई का डिजाइन तैयार करके उत्तर प्रदेश  सेतु निगम के माध्यम से लोकनिर्माण विभाग को भेजी थी। इसके बाद, शासन के निर्देश पर ओवरब्रिज का स्टीमेट में जीएसटी शामिल करके नाबार्ड को भेजा गया था। शासन से एक बार फिर मेेरठ- करनाल मार्ग पर बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज में शामिल भूमि लोक निर्माण विभाग की कितनी है और अन्य भूमि का स्वामी कौन है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सेेतु निगम को पत्रावली भेजकर जानकारी तलब की है।
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उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक जेपी राणा ने बताया कि  शासन से शामली के बुुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज के संबंध शामिल भूमि के संबंध मे रिपोर्ट मांगी है।  इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट आने पर शासन को पत्रावली भेजी जाएगी।  उधर, लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में सहायक अभियंता परशुराम शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओवरब्रिज के संबंध में भूमि की पैैमाईश करके सेतु निगम को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।
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