आवैसी की सभा के बारे में अपना पक्ष रखते आयोजन से जुड़े पदाधिकारी।
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शामली में आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलिमीन की कैराना में होने वाली सभा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह निर्णय बिजनौर में हुई घटना के बाद इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। उधर, पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन की लिखित अनुमति दे रखी है। यदि मनमाने ढंग से आयोजन पर रोक लगाई जाती है, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी और धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
रविवार को शामली में हनुमानटीला के पास रेस्टोरेंट पर पत्रकार वार्ता में आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलिमीन के जिलाध्यक्ष मनव्वर हसन, कैराना विधानसभा क्षेत्र प्रभारी मौलाना मसीउल्लाह, मौलाना शौकीन, राशिद अली, तनवीर और सुल्तान ने बताया कि 20 सितंबर को कैराना स्थित ईदगाह मैदान पर पार्टी की सभा होगी। उसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली संबोधित करेंगे।
सभा में शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत सहित 28 जिलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। मनव्वर हसन ने बताया कि कार्यक्रम के लिए एसडीएम कैराना से 16 सितंबर को ही अनुमति ली गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी की सभाएं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हो रही हैं, वहां तो कोई माहौल खराब नहीं हुआ। यही नहीं पूर्व में कई बार वह प्रदेश के जिलों में सभा कर चुके हैं।
उनका कहना है कि शामली जिले में दूसरे राजनीतिक दल भी कार्यक्रम कर रहे हैं, यदि प्रशासन को निष्पक्ष कार्य करना है तो उन आयोजनो पर भी रोक लगाई जाए। मनव्वर हसन ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं द्वारा आयोजन रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, कुछ लोगों ने उन्हें लालच भी दिया। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जोर जबरदस्ती और मनमाने ढंग से कार्यक्रम पर रोक लगाई तो पार्टी कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। उधर, कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज का कहना है कि सभा के लिए ईदगाह कमेटी की अनुमति भी नहीं है। इसलिए सभा नहीं होगी।