शामली। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को विकास भवन में बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों से जिला स्तरीय अधिकारियों ने अभी तक कोई वार्ता नहीं की है।
विकास भवन में चल रहे धरने पर हुई सभा में कर्मचारियों ने कहा कि शासनादेश के अनुसार वर्ष 2015 से सात प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दी जाएगी। वर्ष 2015 से आज तक किसी भी मिशन कर्मचारी को सात प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। वर्ष 2015 से लेकर 2022 तक महंगाई कई गुणा बढ़ गई है। उन्होंने मॉडल एमआरसी पॉलिसी योजना के तहत मिशन के कर्मचारियों ने शिक्षा, लेपटॉप, मोबाइल, सेल्फ लर्निंग भत्ता देने, जीवन और मेडिकल बीमा, ईपीएफ दिए जाने, स्थाई निवास के जिले में तबादला करते हुए समायोजन करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करके विभागीय संविदा पर नियुक्त करने, कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये देने की मांग की।
कर्मचारियों ने मांग पूरी न होने पर 18 सितंबर से वह समस्त कैडर के साथ हड़ताल शुरू करने की बात कही है। धरने में जिला मिशन प्रबंधक पंकज कुमार, ममता देवी, अजीत कुमार, अशोक कुमार बीएमएम, सुषमा जायसवाल, अवनीश, रेशमा, कविता, सीमा, गुलशन, रेनू, हासिफ सैफी,आकाश सिंह, अन्नत, विजय त्यागी, शामली, कांधला, थानाभवन, कैराना, ऊन ब्लाक के कर्मचारी मौजूद रहे।